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झूठे शपथ पत्र पर फंसा डीएफओ, हाईकोर्ट ने दिया नोटिस
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Fri, 01 Dec 2017 01:16 PM IST
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हिमाचल हाईकोर्ट
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हाईकोर्ट के समक्ष झूठा शपथपत्र दायर करने पर कड़ा संज्ञान लेते हुए डीएफओ देहरा हरजीत सिंह मनकोटिया को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। कोर्ट ने नोटिस के माध्यम से पूछा है कि क्यों न आपके खिलाफ अवमानना की कार्रवाई चलाई जाए। मामले पर सुनवाई 6 दिसंबर को निर्धारित की गई है।
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कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजय करोल और न्यायाधीश संदीप शर्मा की खंडपीठ ने यह आदेश पारित किए। देहरा के वन मंडलाधिकारी ने 13 अक्तूबर को हाईकोर्ट के समक्ष दायर शपथ पत्र में कहा था कि जनहित याचिका में जिन लोगों पर अतिक्रमण का आरोप लगाया गया है, उन्होंने वन भूमि पर कोई अतिक्रमण नहीं कर रखा है।
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जबकि वन भूमि से बांस के झुंड को उखाड़ने की बात उसने अपने शपथ पत्र में कबूल कर रखी है। वन विभाग द्वारा तैयार राजस्व रिकॉर्ड के अनुसार यह बताया गया था कि अतिक्रमण करने वालो में 32 लोग शामिल हैं। ये लोग वन मंडल अधिकारी देहरा के क्षेत्राधिकार में पड़ते हैं। जिलाधीश कांगड़ा ने भी अपने शपथ पत्र में इस तथ्य को स्वीकार किया है।
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उनके शपथ पत्र के अनुसार वन भूमि से अतिक्रमण हटाने बाबत वन मंडलीय अधिकारी देहरा को आदेश जारी कर दिए गए थे। अतिक्रमण बारे इतना स्पष्ट होने के बावजूद डीएफओ देहरा अतिक्रमण की बात से ही मुकर गया। हाईकोर्ट ने वन मंडल अधिकारी देहरा द्वारा दायर शपथ पत्र को झूठा पाते हुए यह आदेश जारी किए हैं।