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Shimla News: आईजीएमसी में हड्डियों के डेक्सा टेस्ट बंद, लोग परेशान

Tue, 29 Oct 2024 11:59 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Tue, 29 Oct 2024 11:59 PM IST
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Dexa test of bones stopped in IGMC, people worried
मशीन पड़ी है खराब, लोगों ने की मरम्मत करवाने की मांग
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मरीजों से फीस वसूलने के बाद बताया जा रहा मशीन है खराब
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (आईजीएमसी) में टेस्ट फीस देने के बाद भी मरीजों के डेक्सा स्कैन टेस्ट नहीं हो रहे।
अस्पताल में मरीजों को टेस्ट करवाने के लिए दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर होना पड़ रहा है। मरीजों को पेश आ रही इस परेशानी का हल अस्पताल प्रबंधन नहीं कर पाया है। आईजीएमसी में रोजाना हजारों मरीज उपचार करवाने के लिए आते हैं। जांच के बाद कई मरीजों को चिकित्सक हड्डियां कमजोर होने का संशय लगने के बाद डेक्सा स्कैन करवाने की सलाह देते हैं लेकिन आजकल यह टेस्ट नहीं हो रहे।

श्वास रोग विभाग में दाखिल 51 साल की महिला मरीज को मंगलवार को चिकित्सक ने प्राथमिक जांच के बाद टेस्ट करने को कहा। महिला मरीज फार्म भरकर काउंटर पर फीस देने आई तो यहां पर महिला से 660 रुपये ले लिए लेकिन जब अल्ट्रासाउंड केंद्र में टेस्ट करवाने के लिए पहुंची तो बताया अभी यह टेस्ट नहीं होगा। महिला ने इसका कारण पूछा तो कहा कि मशीन खराब है। मरीज जब पैसे वापस करने के लिए लौटी तो कहा कि वह विभाग से लिखवाकर लाएं। ऐसे में महिला मरीज को दर-दर भटकने को मजबूर होना पड़ा।
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महिला ने कहा कि अस्पताल प्रबंधन को चाहिए कि जब मशीन खराब है तो इसकी सूचना दी जानी चाहिए। अब कब टेस्ट होगा इसकी जानकारी न मिलने से कारण महिला मरीज मायूस है। अस्पताल में 3500 से अधिक मरीजों की ओपीडी रहती है। 50 साल से अधिक आयु के मरीजों को ऑर्थो और मेडिसिन विभिन्न विभागों के चिकित्सक इस टेस्ट करने की सलाह देते है।
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इसलिए होता है डेक्सा स्कैन टेस्ट
डेक्सा स्कैन टेस्ट एक मेडिकल इमेजिंग टेस्ट हैं जोकि हड्डियों के घनत्व को मापने के लिए किया जाता है। यह टेस्ट ऑस्टियोपोरोसिस हड्डियों की कमजोरी और उसकी गंभीरता का पता लगाने के लिए किया जाता है। टेस्ट रिपोर्ट के आधार पर ही आगामी उपचार शुरू होता है।
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