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Shimla News: कृष्ण-सुदामा का प्रसंग सुन भाव विभोर हुए श्रद्धालु
Tue, 27 Oct 2026 12:17 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला
संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला
Updated Tue, 27 Oct 2026 12:17 AM IST
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शाहपुर में श्रीमद्भागवत कथा का समापन, हवन-यज्ञ के बाद भंडारा
भंडारे में सैंकड़ों लोगों ने ग्रहण किया प्रसाद
संवाद न्यूज एजेंसी
बरोटीवाला (सोलन)। बरोटीवाला के साथ लगते शाहपुर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा का समापन हवन-यज्ञ के साथ हुआ। अंतिम दिन कथा व्यास ने भगवान श्रीकृष्ण और उनके परम मित्र सुदामा के प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन किया। कथा सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो गए।
कथा व्यास ने बताया कि जब सुदामा अपने मित्र श्रीकृष्ण से मिलने महल पहुंचे तो द्वारपालों ने उन्हें रोक दिया। इसकी सूचना मिलते ही भगवान श्रीकृष्ण नंगे पांव उनसे मिलने पहुंचे और गले लगाकर आदरपूर्वक महल में ले गए। उन्होंने सुदामा को सिंहासन पर बैठाया और उनके चरण अपने आंसुओं से धोए। कथा व्यास ने कहा कि सुदामा चरित्र सच्ची मित्रता, प्रेम, समर्पण और समानता का संदेश देता है। मनुष्य को इन आदर्शों से प्रेरणा लेकर जीवन में निस्वार्थ भाव से रिश्ते निभाने चाहिए।
कथा के समापन पर हवन-यज्ञ हुआ, जिसमें श्रद्धालुओं ने आहुति डालकर सुख-समृद्धि की कामना की। इसके बाद आयोजित भंडारे में सैकड़ों लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया।
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इस अवसर पर शाहपुर के सरपंच बलदेव सिंह, बीडीसी सदस्य रविकांत शर्मा, जगदीश शर्मा, चिंतामणि, चरणजीत, दीन दयाल, अनंत राम, संत राम, विनोद शर्मा, सोनू शर्मा, रवि शर्मा, गगनदीप, भगत राम, सुरेंद्र शर्मा और भवानी शर्मा सहित अनेक गणमान्य नागरिक एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।
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भंडारे में सैंकड़ों लोगों ने ग्रहण किया प्रसाद
संवाद न्यूज एजेंसी
बरोटीवाला (सोलन)। बरोटीवाला के साथ लगते शाहपुर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा का समापन हवन-यज्ञ के साथ हुआ। अंतिम दिन कथा व्यास ने भगवान श्रीकृष्ण और उनके परम मित्र सुदामा के प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन किया। कथा सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो गए।
कथा व्यास ने बताया कि जब सुदामा अपने मित्र श्रीकृष्ण से मिलने महल पहुंचे तो द्वारपालों ने उन्हें रोक दिया। इसकी सूचना मिलते ही भगवान श्रीकृष्ण नंगे पांव उनसे मिलने पहुंचे और गले लगाकर आदरपूर्वक महल में ले गए। उन्होंने सुदामा को सिंहासन पर बैठाया और उनके चरण अपने आंसुओं से धोए। कथा व्यास ने कहा कि सुदामा चरित्र सच्ची मित्रता, प्रेम, समर्पण और समानता का संदेश देता है। मनुष्य को इन आदर्शों से प्रेरणा लेकर जीवन में निस्वार्थ भाव से रिश्ते निभाने चाहिए।
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कथा के समापन पर हवन-यज्ञ हुआ, जिसमें श्रद्धालुओं ने आहुति डालकर सुख-समृद्धि की कामना की। इसके बाद आयोजित भंडारे में सैकड़ों लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया।
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इस अवसर पर शाहपुर के सरपंच बलदेव सिंह, बीडीसी सदस्य रविकांत शर्मा, जगदीश शर्मा, चिंतामणि, चरणजीत, दीन दयाल, अनंत राम, संत राम, विनोद शर्मा, सोनू शर्मा, रवि शर्मा, गगनदीप, भगत राम, सुरेंद्र शर्मा और भवानी शर्मा सहित अनेक गणमान्य नागरिक एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।