अमरनाथ के दर्शन नहीं कर पाए श्रद्धालुओं ने बढ़ाई मणिमहेश में शिवभक्तों की संख्या
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पवित्र मणिमहेश यात्रा का विधिवत शुभारंभ होना शेष है, लेकिन इससे पूर्व ही हजारों श्रद्धालु मणिमहेश की यात्रा कर भी चुके हैं। इस साल यह आंकड़ा ज्यादा है। इसके पीछे श्री अमरनाथ यात्रा पर रोक को सबसे बड़ी वजह माना जा रहा है।
मणिमहेश स्थित पवित्र डल झील में अब तक 25 हजार शिवभक्त डुबकी लगा चुके हैं। हजारों की संख्या में श्रद्धालु अभी यात्रा मार्ग पर हैं। अधिकारिक रूप से यात्रा का शुभारंभ जन्माष्टमी पर छोटे न्हौण पर होगा।
जानकारी के अनुसार जन्माष्टमी के अवसर पर होने वाले छोटे शाही स्नान से पहले ही जम्मू, पंजाब, राजस्थान, हरियाणा और दिल्ली के करीब 25 हजार श्रद्धालु पवित्र डल में डुबकी लगा कर वापसी कर चुके हैं।
वर्तमान में भी रोजाना बड़ी संख्या में श्रद्धालु शिव के जयघोष करते भरमौर की ओर रुख कर रहे हैं। जम्मू-कश्मीर में अमरनाथ यात्रा पर समय से पहले ही सरकार ने रोक लगा दी थी।
ऐसे में हजारों भोले के भक्त बाबा बर्फानी के दर्शन नहीं कर पाए। इन्हीं में से कई शिवभक्तों ने अमरनाथ की बजाय पवित्र मणिमहेश यात्रा का रुख कर लिया। पिछले कई दिन से शिवभक्तों की टोलियां रोजाना चंबा से भरमौर की तरफ वाहनों में यात्रा पर निकल रही हैं।
धनछौ में करीब 27 वर्षों से तपस्या करने वाले महंत आकाश गिरी ने बताया कि इस बार मणिमहेश यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं की तादाद में इजाफा हुआ है। अमरनाथ यात्रा पर रोक इसका मुख्य कारण है। जिन भक्तों को अमरनाथ में भोले के दर्शन करने का अवसर नहीं मिला, वे मणिमहेश में आकर भोले के दर्शन कर लौट रहे हैं।