माता के गूर ने की देव वाणी, पढ़कर चौंक जाएंगे- आने वाले साल में होगा ये सब
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गणेश चतुर्थी की संध्या पर बगलामुखी मंदिर सेहली (मंडी, हिमाचल प्रदेश) में जाग (होम) धूमधाम से मनाया गया। माता के गूर अमरजीत शर्मा ने माता के गर्भ गृह में पूजा-अर्चना की। उसके बाद मां के आदेशानुसार जाग की रस्म निभाई। अर्द्ध रात्रि को माता के गूर अमरजीत शर्मा और वहां पर उपस्थित माता के दर्जनों छरनाटों में मां की शक्ति ने प्रवेश किया।
अनेक प्रकार की देववाणी करके भक्तों का मार्गदर्शन किया। माता के गूर ने देव वाणी करते हुए बताया कि इस मर्तबा देवताओं पर डायनें भारी पड़ीं और आने वाला समय जहां फसलों के लिए शुभ रहेगा, वहीं इंसानों के लिए अनेक आपदाओं से भरा हुआ रहेगा। साल भर आग लगने की घटनाएं, भूस्खलन, भूकंप, राजनीतिक द्वेष और समाज विरोधी गतिविधियां अधिक होंगी।
इससे समाज का वातावरण बिगड़ेगा। माता ने अपने क्षेत्र में अपने भक्तों की सुरक्षा के लिए अपना कवच आशीर्वाद प्रदान करते हुए कहा कि वह क्षेत्र में किसी भी आपदा को प्रवेश नहीं होने देंगी। प्राणी मात्र में सुख-शांति और सद्भावना बनी रहे इसके लिए वह उन्हें अपना शुभ आशीर्वाद व कवच प्रदान करेंगी।
देवताओं और डायनों में हुए सात युद्ध
डंकन चौदश को देवताओं और डायनों के बीच जो सात युद्ध विभिन्न क्षेत्रों में हुए उसमें कहीं देवताओं ने विजयी हासिल की और किसी क्षेत्र में डायनें देवताओं पर भारी पड़ी। जहां पर डायनें देवताओं पर भारी पड़ीं उसके मुताबिक हिमाचल प्रदेश में करीब 40 प्राणी मात्र की क्षति हुई है।
डंकन चौदश के बाद अनेक ऐसी घटनाएं प्रदेश में हुई जो दहला देने वाली हैं तथा यह सब डायनों के प्रकोप से हुआ है। माता ने डायनों की छाया पड़ने पर जो वर्तमान समय में बुखार और अन्य बीमारी से ग्रस्त हैं उन्हें इस बीमारी से बाहर निकालने के लिए उपाय भी बताए। माता के गूर ने बताया कि माता बगलामुखी कलियुग में साक्षात अपने भक्तों की रक्षा करती है।
भजन संध्या में नरेश शर्मा एंड पार्टी मंगवाई, कश्मीर ठाकुर जेल रोड, मां नैण तुंगा संगीत भजन मंडली लोटगलू ने भजन गाकर श्रद्धालुओं को झूमने पर विवश कर दिया। उन्होंने शहर ज्वाला माई मंदिर में, तूने मुझे बुलाया शेरां वालिए, प्यारा सजा है तेरा दरबार भवानी, माता तेरे दरबार में लगदा भक्ता दा मेला, मईया जी तेरे कुंडले-कुंडले बाल आदि भजन सुनाए।
उधर, सत बाला कामेश्वर मंदिर देवधार में भी जाग का आयोजन किया गया। इसमें सैकड़ों लोगों ने देवता के मंदिर में आकर माथा टेककर आशीर्वाद लिया। रात बारह बजे देवता के भंडार से गाजे-बाजों के साथ देवता की जातर शुरू हुई है। सत बाला कामेश्वर के जयकारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा है।
ग्राम पंचायत पैहड़ के बनेहरड़ी गांव के माता सरस्वती मंदिर में भी धूमधाम से जाग का आयोजन किया गया। इस अवसर पर पुजारी और गूर लेखराज, कमेटी के प्रधान कृष्ण, उपप्रधान नेत्र सिंह, सचिव सुरेंद्र, देशराज आदि मौजूद रहे।