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देव संस्कृति: 23 साल बाद जुटेंगे 18 रियासतों के शाही परिवार, हजारों लोग बनेंगे देवनृत्य के साक्षी

Thu, 18 May 2023 09:14 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Thu, 18 May 2023 09:14 PM IST
सार

शिमला और सोलन जिलों की 18 रियासतों के शाही परिवार 23 साल बाद गुठाण में जुटने जा रहे हैं। यहां पर हजारों लोग देवनृत्य के साक्षी बनेंगे। एक साथ 21 देवताओं की पूजा होगी। शिमला के गुठाण में तीन दिन धार्मिक आयोजन होगा।

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Dev Sanskriti: Royal families of 18 princely states will gather after 23 years, thousands of people will witne
देवता डोमेश्वर सन्नाटा - फोटो : संवाद

विस्तार

 हिमाचल प्रदेश के शिमला और सोलन जिलों की 18 रियासतों के शाही परिवार 23 साल बाद गुठाण में जुटने जा रहे हैं। यहां पर हजारों लोग देवनृत्य के साक्षी बनेंगे। एक साथ 21 देवताओं की पूजा होगी। शिमला के गुठाण में तीन दिन धार्मिक आयोजन होगा। अपनी 400 से ज्यादा जातरों यानी यात्राओं को पूरा करने के बाद शिमला और सोलन जिलों के प्रमुख देवता डोमेश्वर सन्नाटा अपने मंदिर में प्रवेश करेंगे। सदियों से आयोजित किए जा रहे इस उत्सव को बड़ातर कहा जाता है। देवता डोमेश्वर की पारंपरिक जातर यात्रा के संपन्न होने के बाद गुठाण में बड़ातर उत्सव 20, 21 और 22 मई को होगा।

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इसके लिए सभी आमंत्रितों को 20 मई को बुलाया गया है। इसमें देवरथ में 21 टीकों यानी देवताओं का देव नृत्य होगा। इसके अलावा क्षेत्र के कई देवी-देवता अपने रथों में भी इस आयोजन में आएंगे। इस अवसर पर यहां 18 ठकुराइयों के शाही परिवार एकत्र होंगे। इस मौके पर देवता का चोल्टू नृत्य होगा।  ठकुराइयां छोटी रियासतों को कहा जाता है, जो अंग्रेजी शासनकाल तक इन पहाड़ी क्षेत्रों में प्रभुत्व में थीं। ये रियासतें क्योंथल, दरकोटी, कोटखाई, कुठार सेर (सोलन), घूंड, ठियोग, करांगला, शिला आदि हैं।
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इनके अलावा डोमेश्वर में मान्यता रखने वाले सात खूंद भी इसमें आएंगे। खूंद तीर-कमान वाला ठोडा खेल खेलने वाले खशिया समुदाय के लोग हैं, जो पाशी और शाठी दो धड़ों में बंटे होते हैं। पाशी पांडव और शाठी कौरव पक्ष के माने जाते हैं। डोमेश्वर गुठाण के रथ में सवार 21 टीकों यानी देवताओं की यहां पूजा होगी। इनके अलावा डोमेश्वर पुड़ग, शड़ी से माहेश्वरी देवी, नाग देवता बागी, नाग देवता बासा माहोग, हिमरी, नेहरा कोटखाई, नेहरा ठियोग, नमाणा, दवां और रावग के डोमेश्वर देवता भी इस महायज्ञ में शामिल होंगे।
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सार्वजनिक लंगर की व्यवस्था होगी
श्री देवता डोमेश्वर मंदिर समिति गुठाण के प्रधान और कारदार की ओर से इस संबंध में जारी किए गए निमंत्रण पत्र में कहा गया है कि देवता के उत्सव में पूर्ण नशाबंदी रहेगी। बड़ातर उत्सव में भाग लेने वालों को कहा गया है कि वे इस आचरण का पूरी तरह से पालन करें। आयोजन में भाग लेने वाले लोगों के लिए सार्वजनिक लंगर की व्यवस्था होगी

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