बलि प्रथा की लड़ाई लड़ने दिल्ली गए महेश्वर
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बलि प्रथा पर रोक लगाने के हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देने के लिए महेश्वर सिंह दिल्ली रवाना हो गए हैं। एक दो दिन में सुप्रीमकोर्ट में हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती दी जाएगी। हिमाचल हाईकोर्ट ने बलि प्रथा पर पूर्ण रोक लगाई है। कुल्लू दशहरे में भी इसका असर देखा जा रहा है। देव संसद जगती ने बलि प्रथा को जारी रखने का फरमान सुनाया है।
इस पर अब कारदार संघ और रघुनाथ के मुख्य छड़ीबरदार महेश्वर सिंह सुप्रीमकोर्ट में बलि प्रथा को बहाल करने के लिए अपील करने जा रहे हैं। सूत्रों की मानें तो एक या दो दिन में सुप्रीमकोर्ट में याचिका दायर की जाएगी। देव समाज से जुड़े लोगों का कहना है कि बलि प्रथा सदियों से चली आ रही है। कई ग्रंथों में भी इसका उल्लेख है।
नहीं बदली जाएगी पुरानी प्रथा
कानून में भी धर्म और संस्कृति के पालक के लिए दी जाने वाली बलि का प्रावधान है। इन मुद्दों पर सुप्रीमकोर्ट में याचिका दायर की जाएगी। कारदार संघ के अध्यक्ष दोतराम का कहना है कि कागजी कार्य पूरे कर लिए हैं। एक दो दिन में हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीमकोर्ट में चुनौती दी जाएगी। सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं।
उधर, महेश्वर सिंह ने कहा कि वह दिल्ली में हैं। मंगलवार को पूरी स्थिति साफ हो जाएगी। नग्गर में 25 सितंबर को हुई देव संसद जगती में देवी-देवताओं ने साफ किया है कि किसी भी हाल में पुरानी प्रथा को बदला नहीं जाएगा। न ही नई प्रथा को अपनाया जाएगा। ऐसे में देव समाज से जुड़े लोग और प्रशासन बलि प्रथा को लेकर आमने-सामने हैं।