{"_id":"63ef5f93b636c737380bb805","slug":"dev-kamrunag-reached-in-mandi-for-mandi-shivratri-festival-2023-02-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mandi News: मंडी पहुंचे बड़ा देव कमरूनाग, हुआ भव्य स्वागत, वाद्ययंत्रों की धुनों से गूंजी छोटी काशी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mandi News: मंडी पहुंचे बड़ा देव कमरूनाग, हुआ भव्य स्वागत, वाद्ययंत्रों की धुनों से गूंजी छोटी काशी
Fri, 17 Feb 2023 06:23 PM IST
अरविन्द ठाकुर
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Fri, 17 Feb 2023 06:23 PM IST
सार
बड़ा देव कमरूनाग के मंडी पहुंचते ही छोटी काशी धार्मिक माहौल में रंग गई। शहर वाद्ययंत्रों की धुनों से गूंज उठा। देवता के दर्शन पाने के लिए शहर के लोग जगह-जगह जमा हो गए।
विज्ञापन
मंडी पहुंचे बड़ा देव कमरुनाग।
- फोटो : संवाद
विस्तार
बड़ा देव कमरूनाग के मंडी में पहुंचते ही अंतरराष्ट्रीय महाशिवरात्रि महोत्सव के कारज शुरू हो गए हैं। मेले में शिरकत करने के लिए बड़ा देव दोपहर 2:05 बजे पुलघराट में पहुंचे। यहां प्रशासन की ओर से तहसीलदार साजन, अन्य अधिकारियों और सर्व देवता सेवा कमेटी के पदाधिकारियों ने उनका स्वागत किया। सर्व देवता कमेटी के प्रधान शिव पाल शर्मा और बड़ी संख्या में लोगों ने देवता का पुलघराट में भव्य स्वागत किया। करीब 2:45 बजे उन्होंने राज देवता माधोराय के मंदिर में हाजिरी भरी।
विज्ञापन
इसके बाद देवता लाव-लश्कर के साथ राज परिवार की परंपरा के अनुसार राज महल पहुंचे। यहां राजा ओमेश्वर सेन ने उनका स्वागत किया। कुछ देर विश्राम करने के बाद देव कमरूनाग लाव-लश्कर के साथ टारना माता मंदिर के लिए रवाना हो गए। देवता सात दिन तक टारना माता मंदिर में विराजमान रहेंगे। यहीं उनके दर्शन के लिए भक्तों का तांता लगा रहेगा।
विज्ञापन
वाद्य यंत्रों की धुनों से गूंज उठी छोटी काशी
बड़ा देव कमरूनाग के मंडी पहुंचते ही छोटी काशी धार्मिक माहौल में रंग गई। शहर वाद्ययंत्रों की धुनों से गूंज उठा। देवता के दर्शन पाने के लिए शहर के लोग जगह-जगह जमा हो गए। इधर, देवता के मंडी पहुंचते ही देव कारज शुरू हो गए हैं और अब उनके बाद देवी-देवताओं का आना शुरू हो गया है।
विज्ञापन
सर्व देवता समिति के अध्यक्ष शिवपाल शर्मा ने कहा कि शिवरात्रि महोत्सव के लिए जनपद के अन्य देवी-देवता भी बड़ा देव कमरूनाग के बाद पहुंचना शुरू हो गए हैं। सुखदेव ऋषि थट्टा देव, बुड्ढा बिंगल, देव झाथी वीर, देवी बगलामुखी, देवी बुड्डी भैरवा, देव ढगांडू ऋषि मंडी पहुंच चुके हैं।