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Shimla News: झमाझम बरसात में पगोग में पानी के लिए हाहाकार, हैंडपंप भी बंद

Thu, 30 Jul 2026 11:59 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Thu, 30 Jul 2026 11:59 PM IST
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Despite heavy downpours, there is a desperate outcry for water for daily use, and even the handpumps have stopped working.
प्राकृतिक स्रोतों से लोग ढोकर ला रहे हैं पीने का पानी
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आधी रात तक पानी भरने के लिए लग रहीं हैं कतारें
बरसात में दूषित पानी पीने से बीमारियों का बढ़ा खतरा
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। राजधानी शिमला से सटी पंचायत पगोग में पेयजल संकट गहरा गया है। पंचायत के बड़श और पड़ैची क्षेत्रों में पानी की भारी किल्लत चल रही है। ग्रामीणों का कहना है कि पेयजल योजना से पर्याप्त पानी नहीं मिल रहा है।

ग्रामीणों के अनुसार बड़श और पड़ैची क्षेत्रों में बाघ नाला पेयजल योजना से पानी की आपूर्ति की जाती है, लेकिन अब चार से पांच दिन बाद ही पानी मिल रहा है। दूसरी ओर हजारों लोगों के लिए पीने के पानी का प्रमुख वैकल्पिक साधन बड़श में स्थापित हैंडपंप भी खराब हो गया है। इससे क्षेत्र में पेयजल संकट और गहरा गया है। स्थानीय निवासी हेमचंद शर्मा, जयपाल, रमा शर्मा, पूर्णचंद शर्मा, भूपेंद्र ठाकुर, मीना रावत, सुनीता, देवेंद्र ठाकुर, मनीषा, लक्ष्मी देवी, लक्ष्मण सिंह और माया देवी ने बताया कि बाघ नाला पेयजल योजना की क्षमता लगभग एक से डेढ़ लाख लीटर है। इस योजना से गोल्छा गांव को भी पानी की आपूर्ति की जाती है, जिससे पगोग क्षेत्र के लिए पर्याप्त पानी नहीं बच पाता। उनका कहना है कि पहले लोग हैंडपंप से अपनी जरूरत पूरी कर लेते थे, लेकिन उसके खराब होने के बाद अब प्राकृतिक स्रोतों पर निर्भर होना पड़ रहा है। हालात ऐसे हैं कि सैकड़ों परिवार आधी रात को सड़क किनारे बहते प्राकृतिक स्रोतों से बोतलों, डिब्बों और अन्य बर्तनों में पानी भरने के लिए कतारों में खड़े रहने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के मौसम में प्राकृतिक स्रोतों का पानी पूरी तरह सुरक्षित नहीं होता। इससे डायरिया, टाइफाइड और अन्य जलजनित बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं किया तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।
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गोल्छा को भी हो रही पानी कीआपूर्ति
बाघ नाला पेयजल योजना से साथ लगते गोल्छा गांव को भी नियमित जलापूर्ति की जाती है। ग्रामीणों का कहना है कि योजना से गोल्छा को पानी दिए जाने के कारण पगोग पंचायत के बुखारी, पगोग और मोतीबाग क्षेत्रों को पर्याप्त पानी नहीं मिल पाता। ग्रामीणों ने बताया कि इस समस्या को लेकर उन्होंने कई बार ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज मंत्री अनिरुद्ध सिंह के समक्ष भी मांग उठाई है, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं हो पाया। उनका आरोप है कि हर बार केवल आश्वासन मिलता है, जबकि जमीनी स्तर पर स्थिति जस की तस बनी हुई है।
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आईपीएच विभाग ने त्वरित कार्रवाई का दिया भरोसा
पगोग पंचायत के प्रधान कांशीराम शर्मा ने बताया कि बड़श क्षेत्र में हैंडपंप खराब होने की सूचना मिलते ही जल शक्ति विभाग के अधिशासी अभियंता (एक्सईएन) और संबंधित एसडीओ को अवगत करा दिया है। विभागीय अधिकारियों ने शीघ्र मरम्मत कार्य शुरू कर हैंडपंप को जल्द चालू करने का आश्वासन दिया है, ताकि क्षेत्र के लोगों को पेयजल संकट से राहत मिल सके। उन्होंने बताया कि समस्या के स्थायी समाधान के लिए भी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
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