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बोर्ड परीक्षाओं के लिए गठित उड़नदस्तों में पटवारियों और लिपिकों की तैनाती, शिक्षक संघ ने किया विरोध

Thu, 05 Mar 2020 06:24 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला नेटवर्क, शिमला/सलूणी (चंबा)
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला/सलूणी (चंबा) Published by: Krishan Singh Updated Thu, 05 Mar 2020 06:24 PM IST
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Deployment of patwaris and clerks in flying squads formed in board examinations
सांकेतिक तस्वीर

हिमाचल स्कूल प्रवक्ता संघ के प्रदेश अध्यक्ष केसर सिंह ठाकुर ने बोर्ड परीक्षाओं के लिए गठित उड़नदस्तों में पटवारियों और लिपिकों को नियुक्त करने की निंदा की है। कहा कि ऐसे निर्णयों से शिक्षकों के सम्मान को नीचा करने का प्रयास किया जा रहा है। संघ के चेयरमैन विनोद बनयाल, वरिष्ठ उपाध्यक्ष प्रदीप शर्मा, संजीव ठाकुर, मुख्य संगठन सचिव राजेश सैनी, राज्य प्रेस सचिव प्रेम शर्मा, वित्त सचिव धीरज व्यास, उपाध्यक्ष विकास रत्तन, सह सचिव देवेंद्र कुमार, जिला चंबा अध्यक्ष दीप सिंह खन्ना, शिमला अध्यक्ष लोकेंद्र नेगी, हमीरपुर अध्यक्ष तेज सिंह, कांगड़ा अध्यक्ष संजीव भरवाल, ऊना अध्यक्ष संजीव पराशर, मंडी अध्यक्ष रंगीला, बिलासपुर अध्यक्ष नरेश ठाकुर और सिरमौर के अध्यक्ष सुरेंद्र पुंडीर ने कहा कि शिक्षा बोर्ड ने नकल रोकने के लिए तीन स्तरीय उड़नदस्तों का गठन किया है।

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पहले उड़नदस्ते में बोर्ड के अधिकारी, दूसरे में शिक्षा उपनिदेशक तथा तीसरे उड़नदस्ते में उपमंडल दंडाधिकारी शामिल हैं। उपमंडल स्तर पर उड़नदस्तों का गठन उपमंडल अधिकारियों ने किया है। इसमें विभिन्न वर्गों के शिक्षक शामिल किए हैं, लेेकिन चंबा के उपमंडल सलुणी में उपमंडल अधिकारी ने उड़नदस्ते में पटवारी, कानूनगो तथा लिपिकों को शामिल किया है। संघ ने मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री और बोर्ड अध्यक्ष से मामले में हस्तक्षेप कर जिला उपायुक्त चंबा से इसे फैसले को वापस लेने की है। उधर, पीजीटी संघ के प्रदेश अध्यक्ष चितरंजन कालटा ने भी इस फैसले का विरोध किया है।

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कक्षाओं में भी पटवारी से ही पढ़वाएं : वीरेंद्र

 हिमाचल प्रदेश राजकीय अध्यापक संघ ने भी उड़नदस्ते में पटवारी ओर कानूनगो की तैनाती की निंदा की है। उन्होंने कहा कि शिक्षकों के मान सम्मान को इतना भी न गिराए कि उन्हें आंदोलन करने पर मजबूर होना पड़े।

उन्होंने कहा कि अगर ऐसे ही फैसले लेने है तो कक्षाओं में भी पटवारियों से ही पढ़ाई करवानी चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर राजस्व विभाग के कर्मचारी अधिक काबिल हैं तो चुनाव, जनगणना, वोटर लिस्ट और पर्यवेक्षक जैसी ड्यूटियां भी उन्हीं से ही करवा लेनी चाहिए। उन्होंने इस फैसले को जल्द वापस लेने की मांग की है।

बोर्ड परीक्षाओं में पटवारी व कानूनगो लगा दिए ऑब्जर्वर

 इसी तरह बोर्ड परीक्षाओं के दौरान चंबा के उपमंडल सलूणी के विभिन्न स्कूलों में राजस्व विभाग के कर्मचारी ऑब्जर्वर तैनात कर दिए गए हैं। यह पहला मौका है, जब ऑब्जर्वरों में पटवारी, कानूनगो समेत लिपिकों को भी शामिल किया गया है। एसडीएम की अधिसूचना जारी होने के बाद शिक्षकों में रोष है। उन्होंने सरकार से हस्तक्षेप कर निर्णय को वापस लेने की मांग उठाई है। हालांकि, एसडीएम सलूणी विजय कुमार धीमान ने सूची जारी करते हुए कहा कि बोर्ड परीक्षाओं को निष्पक्षता से करवाने के लिए यह कदम उठाया है। आठवीं, दसवीं और जमा दो कक्षाओं की 4 से 27 मार्च तक होने वाली वार्षिक परीक्षाओं में जिलाधीश के निर्देशानुसार एसडीएम ने विभाग के कर्मचारियों को बोर्ड परीक्षाओं में ऑब्जर्वर तैनात किया है।

कानूनगो अनूप कुमार, पटवारी विपिन कुमार को सीसे डियूर, लाहरा व हाई स्कूल बंजवाड़, कानूनगो घिंद्रो राम व पटवारी राशिद खान को राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला डांड, किहार व भांदल, कानूनगो योगराज और पटवारी सुशील कुमार को भुनाड़ व भजोत्रा, कानूननगो अमृत कुमार और पटवारी विपिन को तेलका व अथेड़, कानूनगो मोहनलाल नेगी और क्लर्क उत्तम सिंह को भलेई, मलाल डीसीएम गुरुकुल पब्लिक स्कूल लचोड़ी, सीनियर असिस्टेंट मनोज कुमार और पटवारी रवि कुमार को बग्गी, नड्डल व सिमणी, पटवारी मनोज को मंजीर, कानूनगो महिंद्र सिंह और पटवारी सुनील कुमार को लिग्गा, तेलका और हाई स्कूल सरार, पटवारी विपिन कुमार को मंगली, पटवारी संघर्ष को संघणी, जूनियर ऑफिस असिस्टेंट राजेंद्र कुमार और लिपिक होशियार सिंह को सीसे स्कूल और हाई स्कूल सिंगाधार में ऑब्जर्वर तैनात किया गया है।

आदेश निरस्त, उच्चस्तरीय जांच होगी : उपायुक्त
डीसी चंबा विवेक भाटिया ने कहा कि उन्हें इस बारे में जानकारी मिली है। इसकी उच्च स्तरीय जांच करवाई गई। एसडीएम ने राजस्व विभाग के कर्मचारियों को कंप्यूटर ऑब्जर्वर बनाने के आदेश करने थे, जिससे वह प्रधानाचार्य के कमरे में बैठ कर स्क्रीन पर परीक्षा संबंधी ऑब्जर्वर का काम कर सकें। राजस्व विभाग के कर्मचारियों को ऑब्जर्वर बनाने संबंधी आदेश निरस्त कर दिए गए हैं।
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