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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Departmental inquiry begins against DSP of CBI Shimla branch, know the whole matter

Shimla: सीबीआई शिमला शाखा के डीएसपी के खिलाफ विभागीय जांच शुरू, जानिए पूरा मामला

Mon, 03 Mar 2025 11:23 AM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Mon, 03 Mar 2025 11:23 AM IST
सार

प्रदेश के 181 करोड़ रुपये के छात्रवृत्ति घोटाले की जांच कर रहे सीबीआई शिमला शाखा के डीएसपी के खिलाफ विभागीय जांच शुरू हो गई है। 

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Departmental inquiry begins against DSP of CBI Shimla branch, know the whole matter
सीबीआई - फोटो : पीटीआई

विस्तार

हिमाचल प्रदेश के 181 करोड़ रुपये के छात्रवृत्ति घोटाले की जांच कर रहे सीबीआई शिमला शाखा के डीएसपी के खिलाफ विभागीय जांच शुरू हो गई है। घोटाले में फंसे निजी शिक्षण संस्थानों के साथ सीबीआई शिमला शाखा में रहे डीएसपी पर मिलीभगत के आरोप लगे हैं। बताया जा रहा है कि छात्रवृत्ति घोटाले की जांच सीबीआई शिमला शाखा के डीएसपी बलवीर को सौंपी गई थी। डीएसपी ने शिमला में रहते और किन-किन मामलों की जांच की है, इसका रिकाॅर्ड भी खंगाला जा रहा है। चंडीगढ़ सीबीआई ने डीएसपी बलवीर को रिश्वत के मामले में गिरफ्तार किया है वहीं, प्रवर्तन निदेशालय भी आय से अधिक संपत्ति के मामले में निजी शिक्षण संस्थानों के खिलाफ जांच कर रहा है।

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छह निजी संस्थानों को दी गई है क्लीन चिट
हिमाचल प्रदेेश में वर्ष 2013 से 2017 के बीच एससी, एसटी और ओबीसी श्रेणियों के लिए केंद्र सरकार की ओर से जारी छात्रवृत्ति में 181 करोड़ रुपये का घोटाला करने वाले शिक्षण संस्थानों के संचालकों की भी मुश्किलें बढ़ गई हैं। सीबीआई की ओर से इस मामले की नए सिरे से जांच की जा रही है। जांच में यह बात भी सामने आई है कि डीएसपी बलबीर ने शिक्षण संस्थान संचालकों के खिलाफ कोर्ट में दायर चार्जशीट में भी कई गड़बड़ियां की हैं। हिमाचल में एससी, एसटी और ओबीसी छात्रों के लिए छात्रवृत्ति योजना शुरू की गी थी। लेकिन छात्रों को छात्रवृत्ति का भुगतान ही नहीं किया गया। हिमाचल के लाहौल और स्पीति जिले में सरकारी स्कूलों के छात्रों को 2012 से 2017 तक पांच वर्षों से छात्रवृत्ति का भुगतान नहीं किए जाने पर इस घोटाले का पर्दाफाश हुआ था। इस घोटाले में 7 निजी शिक्षण संस्थानों को क्लीन चिट दी गई है, जबकि 29 निजी शिक्षण संस्थानों के खिलाफ कार्रवाई चल रही है। अब इन संस्थानों का नए सिरे से रिकाॅर्ड खंगाला जा रहा है।

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