{"_id":"5b6db75d4f1c1bb24b8b7e32","slug":"department-of-technical-education-initiated-investigation-the-scholarship-allocation-case","type":"story","status":"publish","title_hn":"तकनीकी शिक्षा विभाग ने शुरू की छात्रवृत्ति आवंटन की जांच","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
तकनीकी शिक्षा विभाग ने शुरू की छात्रवृत्ति आवंटन की जांच
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
Updated Sat, 11 Aug 2018 10:29 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रदेश के निजी तकनीकी शिक्षण संस्थानों में आवंटित होने वाली छात्रवृत्ति राशि पर भी जांच शुरू हो गई है। प्रधान सचिव आरडी धीमान ने निदेशक तकनीकी शिक्षा को मामले की जांच का जिम्मा सौंपा है। शिक्षा विभाग की प्रारंभिक जांच में 150 करोड़ का घोटाला होने की आशंका है।
विज्ञापन
मामले की गंभीरता को देखते हुए अब तकनीकी शिक्षा विभाग ने भी जांच करवाने का फैसला लिया है। शुक्रवार को प्रधान सचिव आरडी धीमान ने जांच के आदेश दिए।
तकनीकी शिक्षा विभाग की जांच शुरू होने पर प्रदेश में स्थित निजी इंजीनियरिंग, फार्मेसी और पॉलीटेक्निक कॉलेजों पर शिकंजा कसना तय है। प्रदेश के निजी तकनीकी शिक्षण संस्थानों में हजारों विद्यार्थी शिक्षा ले रहे हैं।
विज्ञापन
इन विद्यार्थियों को भी अनुसूचित जाति, जनजाति, मेधावी सहित कई अन्य योजनाओं के तहत छात्रवृत्तियां दी जाती हैं। शक है कि इन संस्थानों में भी छात्रवृत्ति आवंटन में घोटाला हुआ होगा।
विज्ञापन
शिक्षा विभाग की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में कई निजी संस्थान शक के घेरे में आ गए हैं। 150 करोड़ का इन संस्थानों में घोटाला होने की आशंका है। इसी तर्ज पर तकनीकी संस्थानों में भी जांच होने पर बड़ा घोटाला सामने आने की संभावना है।