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Shimla News: डेंटल कॉलेज में प्रशिक्षुओं को नहीं मिला स्टाइपेंड
Mon, 01 Apr 2024 11:25 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला
संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला
Updated Mon, 01 Apr 2024 11:25 PM IST
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कॉलेज प्रशासन को लिखित में दी सूचना, तीन माह से छात्र परेशान
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। राजकीय दंत महाविद्यालय एवं अस्पताल में एमडीएस और बीडीएस प्रशिक्षुओं (इंटर्न) को स्टाइपेंड नहीं मिल रहा है जिससे उन्हें पेरशानियों का सामना करना पड़ रहा है। प्रशिक्षुओं ने सोमवार को इसकी सूचना प्रशासन को दी और अपनी समस्याओं ने अवगत करवाया। तीन महीने बीत जाने पर भी कॉलेेज प्रशासन प्रशिक्षुओं की समस्या का हल नहीं निकाल पाया है।
डेंटल कॉलेज में एमडीएस के 30 और बीडीएस के 75 प्रशिक्षु अपनी सेवाएं दे रहे हैं लेकिन जनवरी से मार्च का स्टाइपेंड उन्हें अभी तक नहीं मिला। प्रशिक्षुओं का कहना है कि महंगाई के दौर में उन्हें आर्थिक रूप से परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है और घर से दूर किराये के कमरों में रहना मुश्किल हो रहा है। कहा कि कॉलेज प्रशासन भी उनकी मदद नहीं कर रहा है।
बता दें कि यह प्रशिक्षु पढ़ाई के साथ-साथ मरीजों के उपचार में अपनी सेवाएं देते हैं। ऐसे में अगर इन्हें स्टाइपेंड नहीं दिया गया और आने वाले समय में काम करना बंद कर दिया तो दिक्कतें पैदा हो सकती हैं।
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इनसेट
बजट न मिलना बड़ी चुनौती
शिमला। सूत्रों का कहना है कि बजट मुहैया नहीं किया जा रहा है। इस वजह से डेंटल कॉलेज एवं अस्पताल के कई बिलों का भुगतान नहीं हो पाया है। ऐसे में अगर यही स्थिति बनी रही तो मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
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संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। राजकीय दंत महाविद्यालय एवं अस्पताल में एमडीएस और बीडीएस प्रशिक्षुओं (इंटर्न) को स्टाइपेंड नहीं मिल रहा है जिससे उन्हें पेरशानियों का सामना करना पड़ रहा है। प्रशिक्षुओं ने सोमवार को इसकी सूचना प्रशासन को दी और अपनी समस्याओं ने अवगत करवाया। तीन महीने बीत जाने पर भी कॉलेेज प्रशासन प्रशिक्षुओं की समस्या का हल नहीं निकाल पाया है।
डेंटल कॉलेज में एमडीएस के 30 और बीडीएस के 75 प्रशिक्षु अपनी सेवाएं दे रहे हैं लेकिन जनवरी से मार्च का स्टाइपेंड उन्हें अभी तक नहीं मिला। प्रशिक्षुओं का कहना है कि महंगाई के दौर में उन्हें आर्थिक रूप से परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है और घर से दूर किराये के कमरों में रहना मुश्किल हो रहा है। कहा कि कॉलेज प्रशासन भी उनकी मदद नहीं कर रहा है।
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बता दें कि यह प्रशिक्षु पढ़ाई के साथ-साथ मरीजों के उपचार में अपनी सेवाएं देते हैं। ऐसे में अगर इन्हें स्टाइपेंड नहीं दिया गया और आने वाले समय में काम करना बंद कर दिया तो दिक्कतें पैदा हो सकती हैं।
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बजट न मिलना बड़ी चुनौती
शिमला। सूत्रों का कहना है कि बजट मुहैया नहीं किया जा रहा है। इस वजह से डेंटल कॉलेज एवं अस्पताल के कई बिलों का भुगतान नहीं हो पाया है। ऐसे में अगर यही स्थिति बनी रही तो मुश्किलें बढ़ सकती हैं।