डिनोटिफाई संस्थान कुल्लू: एक दिन में होता था काम, अब दो सप्ताह का करना पड़ रहा इंतजार
जिला मुख्यालय कुल्लू के साथ लगती खराहल घाटी में खुले पटवार सर्किल किंजा और चंसारी को कांग्रेस सरकार ने बंद कर दिया है। अब नौ पंचायतों के लोगों को राजस्व संबंधी कामकाज निपटाने में दिक्कतें आ रही हैं।
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प्रदेश सरकार की ओर से जनता की सहूलियत के लिए खोले गए संस्थान बंद करने से लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। जिला मुख्यालय कुल्लू के साथ लगती खराहल घाटी में खुले पटवार सर्किल किंजा और चंसारी को कांग्रेस सरकार ने बंद कर दिया है। अब नौ पंचायतों के लोगों को राजस्व संबंधी कामकाज निपटाने में दिक्कतें आ रही हैं। एक दिन में होने वाले काम के लिए अब दो सप्ताह का इंतजार करना पड़ रहा है। पटवार सर्किल किंजा, चंसारी में सरकार की ओर से पटवारी तैनात किए गए थे। पटवार सर्किल बंद होने के बाद अब इन दोनों पटवारियों का बंजार के लिए तबादला कर दिया गया है। करीब 20,000 की आबादी वाले इस क्षेत्र में 20 साल पुरानी मांग को देखते हुए चंसारी और किंजा में पटवार सर्किल बनाए गए थे। विभाग ने दोनों पटवार सर्किलों का रिकाॅर्ड भी अलग करके तैयार किया था।
दिसंबर में पटवार सर्किल बंद होने के बाद नौ पंचायतों की जनता को मिल रही सुविधा से वंचित होना पड़ा। पटवार सर्किल किंजा और चंसारी के लिए भवन की प्रक्रिया आगामी दौर में चली हुई थी। दोनों पटवार सर्किल के पटवारी खराहल सर्किल में बैठकर ही लोगों के राजस्व संबंधी काम निपटा रहे थे। अब लोगों को 25 किलोमीटर दूर काम करवाने जाना पड़ रहा है। साथ ही घंटों इंतजार भी करना पड़ता है। इसके साथ लगते क्षेत्र में 12 अक्तूबर 2022 को खुला कराड़सू का पटवार सर्किल और निरमंड का धाठूूूूू भी बंद कर दिया गया है। खराहल सर्किल से अलग कर चंसारी और किंजा पटवार सर्किल बनाने की अधिसूचना 25 अप्रैल, 2022 को जारी हुई थी। इसके बाद विभाग की ओर से दोनों पटवार सर्किलों के लिए एक-एक पटवारी की नियुक्ति की गई। दिसंबर में सरकार बनने के बाद पटवार सर्किलों को बंद करने की अधिसूचना जारी हो गई। किंजा और चंसारी सर्किल में तैनात पटवारियों को बंजार भेज दिया गया। लोग अपने कामकाज निपटाने के लिए खराहल पटवार सर्किल ही पहुंच
रहे हैं।
पटवार सर्किल बंद करना गलत
भाजपा सरकार में खोले गए पटवार सर्किल को बंद करना गलत है। यह पटवार सर्किल पूर्व सरकार ने लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए खोले थे। किंजा और चंसारी पटवार सर्किलों को फिर से बहाल करना चाहिए। -प्रवीण राणा, ग्रामीण
सियासत की भेंट चढ़े सर्किल
दोनों पटवार सर्किल राजनीति की भेंट चढ़े। पूर्व की भाजपा सरकार ने इन्हें खोला था, लेकिन कांग्रेस सरकार ने इन्हें बंद कर दिया। लोगों को दी गई सुविधाओं को छीनना प्रदेश सरकार को शोभा नहीं देता। दोनों पटवार सर्किल हर स्थिति में बहाल होने चाहिए। सुनील, महामंत्री भाजपा युवा माेर्चा
वर्षों पुरानी मांग हुई थी पूरी
लोगों की वर्षों पुरानी मांग थी कि चंसारी और किंजा में पटवार सर्किल खोले जाएं। यह मांग पूरी भी हुई, लेकिन छह महीने के बाद ही निराशा छा गई। नई सरकार ने इन्हें बंद कर दिया। नौ पंचायतों के
लोगों की मांग को देखते इन दोनों पटवार सर्किलों को बहाल किया जाना चाहिए। कमलेश, ग्रामीण
फिर काटने पड़ेंगे चक्कर
सेउगी के ग्रामीण ईश्वरी राणा ने कहा कि पटवार सर्किल बंद किए जाने के बाद लोगों को एक काम के लिए फिर कई चक्कर काटने पड़ेंगे। जबकि, उन्हें पहले यह सुविधा घर-द्वार पर ही मिलनी थी। बंद किए पटवार सर्कल बहाल किए जाएं। ग्रामीण ईश्वरी राणा
सरकार ने सुविधा छीनी
बिजली महादेव सड़क का विस्तारीकरण का काम चला हुआ है। खराहल के कई लोगों के टीडी के लिए आवश्यक मालिकाना हक को लेकर राजस्व संबंधी विवाद हैं। पटवार सर्किल बंद कर सरकार ने लोगों को मिल रही सुविधा को छीना है। -ठाकुर चंद, मंडल अध्यक्ष कुल्लू भाजपा
समीक्षा करने की कही है बात
सरकार ने कहा है कि बंद किए संस्थानों का रिव्यू किया जाएगा। इसे लेकर मुख्य संसदीय सचिव सुंदर सिंह ठाकुर भी पहले स्पष्ट रूप से कह चुके हैं।
-सेसराम आजाद, कार्यकारी जिला अध्यक्ष कांग्रेस