हिमाचल में बेकाबू हुआ डेंगू, सिर्फ इन शहरों में ब्लड प्लेटलेट्स चढ़ाने की सुविधा
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सूबे में बिलासपुर, सोलन और मंडी सहित कई जिले डेंगू की चपेट में हैं। अकेले बिलासपुर में ही डेंगू पीड़ितों का आंकड़ा एक हजार के पार पहुंच चुका है, लेकिन प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन डेंगू की रोकथाम को गंभीर नजर नहीं आ रहे।
डेंगू के मरीज को ब्लड प्लेटलेट्स चढ़ाने की जरूरत पड़ती है, लेकिन प्रदेश में यह सुविधा आईजीएमसी शिमला और मंडी के जोनल अस्पताल में ही है, जबकि इस सुविधा को जिला स्तर पर उपलब्ध करवाने पर कोई पहल नहीं की गई है।
बिलासपुर जिले में डेंगू पीड़ितों की संख्या एक हजार से पार हो चुकी है। डेंगू के प्रकोप के कारण साई हॉस्टल, डिग्री कॉलेज बिलासपुर भी बंद किए जा चुके हैं। जिला मंडी के डैहर अस्पताल में करीब 65 बच्चे डेंगू की चपेट में आ चुके हैं।
सोलन में भी दर्जनों लोग डेंगू की चपेट में आ चुके हैं, लेकिन रोकथाम के दावों के सरकार और प्रशासन के इंतजाम नाकाफी हैं। अकेले बिलासुपर जिले में ही रोजाना डेंगू के 20 से 35 नए मामले रिपोर्ट हो रहे हैं।
उपायुक्त बिलासपुर विवेक भाटिया का कहना है कि डेंगू को लेकर जिला प्रशासन गंभीर है। डेंगू से निपटने के लिए जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग लोगों के घरों का निरीक्षण कर साफ सफाई की जांच कर रहा है। लारवा पाए जाने पर जुर्माना भी किया जा रहा है।
यही हाल रहा तो लेवल टू में पहुंचने को नहीं लगेगी देर
स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि अभी डेंगू लेवल वन में है, लेकिन जैसे ही डेंगू लेवल टू में प्रवेश कर जाएगा तो उस पर काबू पाना मुश्किल हो जाएगा। हालांकि बिलासपुर में डेंगू से एक व्यक्ति की मौत भी हो चुकी है।
ब्लड प्लेटलेट्स नहीं ले जा सकते दूसरी जगह
खून को एक ब्लड बैंक से दूसरे अस्पताल भेजा जा सकता है, लेकिन ब्लड प्लेटसेट्स को एक जगह से दूसरी जगह नहीं भेजा जा सकता है। इस कारण यह समस्या और भी गंभीर है।