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Shimla News: छात्रों के निष्कासन के खिलाफ हिमाचल विवि में किया प्रदर्शन
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पीपल्स यूनियन फॉर सिविल लिबर्टीज ने बुलंद की आवाज, विद्यार्थियों का भविष्य बर्बाद कर रहे कॉलेज प्रशासन : सिंघा
संजौली कॉलेज से निष्कासित किए गए हैं छह विद्यार्थी
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। संजौली कॉलेज से दो छात्राओं और चार छात्रों के निष्कासन के फैसले के विरोध में वीरवार को समरहिल चौक से लेकर कुलपति कार्यालय तक प्रदर्शन हुआ।
पीपल्स यूनियन फॉर सिविल लिबर्टीज सोसायटी के बैनर तले हुए इस प्रदर्शन में समाज के अलग-अलग वर्ग के बुद्धिजीवी लोगों और एसएफआई के कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। कॉलेज से छात्रों के निष्कासन के फैसले को पूर्व विधायक एवं एचपीयू के पहले एससीए अध्यक्ष राकेश सिंघा ने तानाशाहीपूर्ण फैसला करार दिया। पुस्तकालय के बाहर हुए प्रदर्शन में राकेश सिंघा और अन्य नेताओं ने चेताया कि यदि निष्कासन को वापस नहीं लिया तो विवि में सोसायटी अपने आंदोलन को और तेज करेगी।
प्रदर्शन के दौरान कॉलेज प्रशासन और विवि प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी हुई। प्रशासन पर छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करने और उनके लोकतांत्रिक अधिकारों का सोची समझी साजिश के तहत हनन करने के गंभीर आरोप लगाए गए। पूर्व विधायक राकेश सिंघा ने कहा कि संजौली कॉलेज में छात्रों के बिजली, पानी के बिलों के नाम पर छात्रावासों की बढ़ाई फीस के खिलाफ उठाई आवाज को दबाने के लिए प्राचार्य ने संगठन विशेष के छात्रों को निशाना बनाया। कॉलेज की एक छात्रा के साथ छेड़छाड़ का मामला सामने आने पर छात्र नेता जब प्राचार्य से मिले तो उनके साथ दुर्व्यवहार और मारपीट तक करने के आरोप लगाए। कॉलेज प्रशासन ने छात्रों पर सारा दोष मढ़ते हुए 6 छात्रों को महाविद्यालय से अवैध तरीके से निष्कासित कर दिया। निष्कासन हुए एक माह बीत जाने के बावजूद निष्कासन वापस नहीं लिया गया।
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हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में केंद्रीय छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष विजेंद्र मेहरा ने कहा कि कॉलेज प्रशासन तानाशाह बनकर छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ कर रहा है। पीपल्स यूनियन फार सिविल लिबर्टीज एसोसिएशन के विवि प्रति कुलपति से मिले प्रतिनिधिमंडल ने अवैध निष्कासन को वापस लेने की मांग की थी। विवि प्रशासन ने इस पर कोई संज्ञान नहीं लिया जिससे जाहिर है कि विवि प्रशासन भी किसी के इशारों पर काम कर रहा है। उन्होंने चेताया कि यदि निष्कासन वापस न लिया तो विवि में यह आंदोलन और उग्र होगा।
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संजौली कॉलेज से निष्कासित किए गए हैं छह विद्यार्थी
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। संजौली कॉलेज से दो छात्राओं और चार छात्रों के निष्कासन के फैसले के विरोध में वीरवार को समरहिल चौक से लेकर कुलपति कार्यालय तक प्रदर्शन हुआ।
पीपल्स यूनियन फॉर सिविल लिबर्टीज सोसायटी के बैनर तले हुए इस प्रदर्शन में समाज के अलग-अलग वर्ग के बुद्धिजीवी लोगों और एसएफआई के कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। कॉलेज से छात्रों के निष्कासन के फैसले को पूर्व विधायक एवं एचपीयू के पहले एससीए अध्यक्ष राकेश सिंघा ने तानाशाहीपूर्ण फैसला करार दिया। पुस्तकालय के बाहर हुए प्रदर्शन में राकेश सिंघा और अन्य नेताओं ने चेताया कि यदि निष्कासन को वापस नहीं लिया तो विवि में सोसायटी अपने आंदोलन को और तेज करेगी।
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प्रदर्शन के दौरान कॉलेज प्रशासन और विवि प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी हुई। प्रशासन पर छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करने और उनके लोकतांत्रिक अधिकारों का सोची समझी साजिश के तहत हनन करने के गंभीर आरोप लगाए गए। पूर्व विधायक राकेश सिंघा ने कहा कि संजौली कॉलेज में छात्रों के बिजली, पानी के बिलों के नाम पर छात्रावासों की बढ़ाई फीस के खिलाफ उठाई आवाज को दबाने के लिए प्राचार्य ने संगठन विशेष के छात्रों को निशाना बनाया। कॉलेज की एक छात्रा के साथ छेड़छाड़ का मामला सामने आने पर छात्र नेता जब प्राचार्य से मिले तो उनके साथ दुर्व्यवहार और मारपीट तक करने के आरोप लगाए। कॉलेज प्रशासन ने छात्रों पर सारा दोष मढ़ते हुए 6 छात्रों को महाविद्यालय से अवैध तरीके से निष्कासित कर दिया। निष्कासन हुए एक माह बीत जाने के बावजूद निष्कासन वापस नहीं लिया गया।
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हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में केंद्रीय छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष विजेंद्र मेहरा ने कहा कि कॉलेज प्रशासन तानाशाह बनकर छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ कर रहा है। पीपल्स यूनियन फार सिविल लिबर्टीज एसोसिएशन के विवि प्रति कुलपति से मिले प्रतिनिधिमंडल ने अवैध निष्कासन को वापस लेने की मांग की थी। विवि प्रशासन ने इस पर कोई संज्ञान नहीं लिया जिससे जाहिर है कि विवि प्रशासन भी किसी के इशारों पर काम कर रहा है। उन्होंने चेताया कि यदि निष्कासन वापस न लिया तो विवि में यह आंदोलन और उग्र होगा।