{"_id":"6aca2d02c368b8d9e004abcc","slug":"demand-to-built-path-shimla-news-c-19-sml1002-801407-2026-10-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shimla News: मिस्ट चैंबर खलीनी से बीसीएस तारादेवी मंदिर तक नहीं पैदल रास्ता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shimla News: मिस्ट चैंबर खलीनी से बीसीएस तारादेवी मंदिर तक नहीं पैदल रास्ता
विज्ञापन
सड़क किनारे पैदल चलने वाले सैकड़ों यात्रियों को जान का खतरा
पार्षद सहित स्थानीय लोगों ने उठाई पैदल रास्ता बनाने की मांग
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। नगर निगम शिमला के खलीनी वार्ड के मिस्ट चैंबर से लेकर बीसीएस के तारादेवी माता मंदिर तक पैदल रास्ता नहीं बना है। इससे सड़क किनारे से रोज पैदल सफर करने वाले छात्रों, कर्मचारियों और आम लोगों को पीक ऑवर्स के दौरान ट्रैफिक के बीच खतरा महसूस होता है। पहले भी इस सड़क के किनारे हुए दो से तीन सड़क हादसों में राहगीर घायल हो चुके हैं। इस तरह के हादसे होने के बावजूद आज तक इस करीब 700 मीटर लंबी सड़क के किनारे पैदल चलने वाले लोगों के लिए सुरक्षित रास्ते का निर्माण नहीं किया गया है।
स्थानीय लोगों सहित खलीनी के पार्षद चमन प्रकाश लगातार प्रशासन और लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के एनएच विंग से पैदल रास्ते का निर्माण करने उठा रहे हैं लेकिन आज तक मांग पूरी नहीं हुई है। चमन प्रकाश ने बताया कि स्मार्ट सिटी के तहत इस पैदल रास्ते के लिए बजट भी उपलब्ध था। इसके बावजूद आज तक इसका निर्माण नहीं किया गया है। इससे इस सड़क से होकर रोज गुजरने वाले सैकड़ों लोगों की परेशानी बनी हुई है।
इस सड़क के किनारे से बीसीएस, पटयोग, कंगनाधार सहित आसपास के क्षेत्रों के स्कूली बच्चे और नौकरीपेशा लोग पैदल चलते हैं। इनमें पोर्टमोर और खलीनी स्कूल सहित शिमला के अन्य स्कूलों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राएं शामिल हैं। सड़क से रोज गुजरने वाले हजारों वाहनों की चपेट में आने की हर समय संभावना बनी रहती है। इससे अभिभावक भी चिंतित रहते हैं। खलीनी के पार्षद चमन प्रकाश और झंझीड़ी निवासी हेम राज शर्मा, फॉरेस्ट कॉलोनी की पिंकी देवी का कहना है कि बीसीएस बाजार के लिए खलीनी से रोज आम लोग पैदल सफर करते हैं। वहीं, वहां की दुकानों और सरकारी विभागों में नौकरी करने वाले लोग भी दिन-रात सफर करते हैं। ऐसे में शहर भर में जैसे अन्य सुरक्षित पैदल रास्तों का निर्माण किया गया है, उसी तरह इस सड़क के किनारे भी रास्ता बनाया जाना जरूरी है। इससे पैदल चलने वाले लोगों का सफर सुरक्षित होगा और इस रास्ते में लाइट की सुविधा भी की जानी चाहिए। चमन प्रकाश ने बताया कि स्मार्ट सिटी के तहत इस पैदल रास्ते के लिए बजट भी उपलब्ध था, लेकिन अब उसकी स्थिति क्या है, इसकी कोई जानकारी नहीं मिल पा रही है। उन्होंने नगर निगम, प्रशासन और लोक निर्माण विभाग के एनएच विंग के अधिकारियों से लोगों की सुविधा के लिए जल्द इस रास्ते का निर्माण किए जाने की मांग की है।
विज्ञापन
विज्ञापन
पार्षद सहित स्थानीय लोगों ने उठाई पैदल रास्ता बनाने की मांग
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। नगर निगम शिमला के खलीनी वार्ड के मिस्ट चैंबर से लेकर बीसीएस के तारादेवी माता मंदिर तक पैदल रास्ता नहीं बना है। इससे सड़क किनारे से रोज पैदल सफर करने वाले छात्रों, कर्मचारियों और आम लोगों को पीक ऑवर्स के दौरान ट्रैफिक के बीच खतरा महसूस होता है। पहले भी इस सड़क के किनारे हुए दो से तीन सड़क हादसों में राहगीर घायल हो चुके हैं। इस तरह के हादसे होने के बावजूद आज तक इस करीब 700 मीटर लंबी सड़क के किनारे पैदल चलने वाले लोगों के लिए सुरक्षित रास्ते का निर्माण नहीं किया गया है।
स्थानीय लोगों सहित खलीनी के पार्षद चमन प्रकाश लगातार प्रशासन और लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के एनएच विंग से पैदल रास्ते का निर्माण करने उठा रहे हैं लेकिन आज तक मांग पूरी नहीं हुई है। चमन प्रकाश ने बताया कि स्मार्ट सिटी के तहत इस पैदल रास्ते के लिए बजट भी उपलब्ध था। इसके बावजूद आज तक इसका निर्माण नहीं किया गया है। इससे इस सड़क से होकर रोज गुजरने वाले सैकड़ों लोगों की परेशानी बनी हुई है।
विज्ञापन
इस सड़क के किनारे से बीसीएस, पटयोग, कंगनाधार सहित आसपास के क्षेत्रों के स्कूली बच्चे और नौकरीपेशा लोग पैदल चलते हैं। इनमें पोर्टमोर और खलीनी स्कूल सहित शिमला के अन्य स्कूलों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राएं शामिल हैं। सड़क से रोज गुजरने वाले हजारों वाहनों की चपेट में आने की हर समय संभावना बनी रहती है। इससे अभिभावक भी चिंतित रहते हैं। खलीनी के पार्षद चमन प्रकाश और झंझीड़ी निवासी हेम राज शर्मा, फॉरेस्ट कॉलोनी की पिंकी देवी का कहना है कि बीसीएस बाजार के लिए खलीनी से रोज आम लोग पैदल सफर करते हैं। वहीं, वहां की दुकानों और सरकारी विभागों में नौकरी करने वाले लोग भी दिन-रात सफर करते हैं। ऐसे में शहर भर में जैसे अन्य सुरक्षित पैदल रास्तों का निर्माण किया गया है, उसी तरह इस सड़क के किनारे भी रास्ता बनाया जाना जरूरी है। इससे पैदल चलने वाले लोगों का सफर सुरक्षित होगा और इस रास्ते में लाइट की सुविधा भी की जानी चाहिए। चमन प्रकाश ने बताया कि स्मार्ट सिटी के तहत इस पैदल रास्ते के लिए बजट भी उपलब्ध था, लेकिन अब उसकी स्थिति क्या है, इसकी कोई जानकारी नहीं मिल पा रही है। उन्होंने नगर निगम, प्रशासन और लोक निर्माण विभाग के एनएच विंग के अधिकारियों से लोगों की सुविधा के लिए जल्द इस रास्ते का निर्माण किए जाने की मांग की है।
विज्ञापन