हिमाचल के सीएम वीरभद्र सिंह की पत्नी को राहत, गिरफ्तारी पर लगी रोक
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आय से अधिक संपत्ति से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में हिमाचल के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की पत्नी प्रतिभा सिंह को दिल्ली हाईकोर्ट से राहत मिल गई। अदालत ने उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है।
लेकिन उन्हें आठ अगस्त को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के समक्ष पेश होकर जांच में सहयोग करने का निर्देश दिया है। न्यायमूर्ति विपिन सांघी के समक्ष वीरभद्र और उनकी पत्नी की याचिका पर सुनवाई तय थी।
दोनों ने इसी मामले में एलआईसी एजेंट आनंद चौहान की गिरफ्तारी का हवाला देकर स्वयं की गिरफ्तारी की आशंका जाहिर करते हुए संरक्षण का आग्रह किया है।
मुख्यमंत्री और प्रतिभा सिंह की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने अदालत को बताया कि उनकी मुवक्किल को ईडी ने समन जारी कर बुलाया है, लेकिन जांच से जुड़े दस्तावेज तक प्रदान नहीं किए गए।
ईडी ने कहा पूछताछ के लिए बुलाया था प्रतिभा सिंह को
उन्होंने कहा कि ईडी को दस्तावेज प्रदान करने का निर्देश दिया जाए। ईडी की ओर से पेश अधिवक्ता संजय जैन ने उनके तर्क को गलत बताते हुए कहा कि प्रतिभा सिंह को पूछताछ के लिए बुलाया गया था, लेकिन उन्होंने पत्र लिखकर समय मांगा है।
उन्होंने कहा कि पत्र की भाषा से स्पष्ट है कि वे सभी दस्तावेज से पूरी तरह से वाकिफ हैं। उन्होंने कहा कि जांच के लिए याची की व्यक्तिगत उपस्थिति जरूरी है। बिना हिरासत के जांच व्यर्थ है।
प्रतिभा के वकील सिब्बल ने दिए हैं ये तर्क
सिब्बल ने अदालत से आग्रह किया कि उनकी मुवक्किल के आवेदन को बतौर अग्रिम जमानत याचिका की तरह माना जाए व उन्हें गिरफ्तारी से संरक्षण प्रदान किया जाए। उन्होंने कहा कि ईडी को स्पष्ट करना चाहिए कि वे गिरफ्तारी करेंगे या नहीं।
दोनों पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने याची को आठ अगस्त को ईडी के समक्ष पेश होकर जांच में शामिल होने का निर्देश जारी कर दिया। साथ ही ईडी को निर्देश दिया कि वे याची को गिरफ्तार न करें। अदालत ने मामले की सुनवाई 24 अगस्त तय कर दी।