कसौली में बोली रक्षा मंत्री, देश की रक्षा के लिए 24 घंटे रहूंगी सेवारत
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रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि मौजूदा केंद्र सरकार संपूर्ण स्वच्छता के प्रति काफी गंभीर है और यह गंभीरता देश के सभी छावनी बोर्ड में नजर आनी चाहिए। उन्होंने कहा कि उत्तरी कमांड में कुल 13 छावनी बोर्ड हैं जिनमें से आठ संपूर्ण स्वच्छ हो चुके हैं। लेकिन पांच अभी भी इस तमगे से दूर हैं।
इन छावनी बोर्ड के अध्यक्षों व सीईओ को यह तय करना होगा कि इस साल दिसंबर तक उत्तरी कमांड के सभी छावनी बोर्ड संपूर्ण स्वच्छ घोषित हो जाएं।
रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण शनिवार को कसौली में आयोजित छावनी बोर्ड के स्वच्छता सम्मान समारोह को संबोधित कर रही थी। इस मौके पर उन्होंने छावनी बोर्ड को संपूर्ण स्वच्छ बनाने के लिए तीन मंत्र भी दिए।
देश की सुरक्षा में 24 घंटे तत्पर
उन्होंने कहा कि पहला चरण खुला शौचमुक्त होना, घर से कचरा एकत्र करना, तरल निष्पादन प्लांट व पेयजल को स्वच्छ रखना होना चाहिए। उन्होंने कहा कि दूसरे चरण में अधिक ऊंचाई वाले पर्यटक स्थलों को साफ-सुथरा रखने के उपाय किए जाने चाहिए।
पर्यटक जो जंक फूड व अन्य अवशेष छोड़ आते हैं उन्हें साफ करने की व्यवस्था हो और तीसरा छावनी बोर्ड में बर्बाद हो चुके पदार्थों को दोबारा से इस्तेमाल में लाने के तरीके अपनाए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि इन पर भारत सरकार 50 करोड़ रुपये स्वीकृत कर चुकी है।
रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि देश की सुरक्षा की जो जिम्मेदारी उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सौंपी है वे उसे पूरी तरह निभा रही हैं। वे देश की सुरक्षा के लिए 24 घंटे तत्पर हैं।
मौजूदा केंद्र सरकार देश की सुरक्षा के प्रति पूरी तरह से जवाबदेह है। उन्होंने कहा कि देश में सरकार शांति चाहती है इसके लिए सीमा पर जवानों को मुस्तैद रहने के निर्देश हैं। उन्होंने कहा कि देश सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ रहा है।
इनको मिला संपूर्ण स्वच्छता का सम्मान
उत्तरी कमांड में कुल13 छावनी बोर्ड हैं। जिनमें से आठ संपूर्ण स्वच्छ घोषित किए गए हैं। रक्षामंत्री निर्मला सीतामरण ने शनिवार को कसौली में जिन छावनी बोर्ड को सम्मानित किया उनमें अमृतसर छावनी बोर्ड की तरफ से उपाध्यक्ष रमेश कुमार,
डगशाई छावनी बोर्ड की तरफ से अध्यक्ष ब्रिगेडियर दीपक शर्मा, डलहौजी छावनी बोर्ड की तरफ से अध्यक्ष डीमन राय, फिरोजपुर
ब्रिगेडियर नरेंद्र नाथ, जालंधर ब्रिगेडियर आरबीएस संधु, जतोग सीईओ सोनिका मित्तल, कसौली ब्रिगेडियर दीपक शर्मा, सुबाथू ब्रिगेडियर आरएस रावत व सीईओ तनु जैन समेत उपाध्यक्ष व पार्षदों ने यह पुरस्कार हासिल किया।
छावनी बोर्ड के नियमों में संशोधन करने की जरूरत
सांसद वीरेंद्र कश्यप ने रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण से छावनी बोर्ड क्षेत्र के लिए बने नियमों में संशोधन की मांग की है। उन्होंने एक लिखित पत्र भी शनिवार को रक्षामंत्री को सौंपा। सांसद ने बताया कि छावनी बोर्ड में 1924 अधिनियम के तहत काम हो रहे हैं। इस अधिनियम को वर्ष 2006 में संशोधित करने का प्रयास किया गया, लेकिन इसके सभी नियम नहीं बदले गए।
इस वजह से छावनी बोर्ड के अधीन रहने वाले लोगों की हालत काफी चिंताजनक बनी हुई है। उन्होंने कहा कि छावनी बोर्ड के लोग न तो मकान बना पा रहे हैं और न ही उनके लिए गरीबी रेखा का निर्धारण हो पा रहा है। यह लोग सामान्य रूप से जीवन व्यतीत कर पाएं, इसके लिए जरूरी है कि 1924 अधिनियम में संशोधन किया जाए।
उन्होंने कहा कि हिमाचल में सबसे ज्यादा छावनी बोर्ड उनके संसदीय क्षेत्र में आते हैं। इसलिए वह इस समस्या की गंभीरता को समझते हैं। उन्होंने कहा कि नियम संशोधित किए जाते हैं तो इसका लाभ देश भर में संचालित हो रहे 62 छावनी बोर्डों को मिलेगा। इसके अलावा उन्होंने सुबाथू छावनी बोर्ड के अस्पताल का विस्तार करने की भी मांग रक्षामंत्री से की।
उन्होंने कहा कि छावनी बोर्ड का अस्पताल नौ बिस्तरों का है, जबकि सुबाथू और आसपास की आबादी को देखते हुए इसकी संख्या बढ़ाकर बीस की जानी चाहिए। उधर, रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण से इस मसले पर गंभीरतापूर्वक विचार का आश्वासन दिया है।