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Shimla News: डीएचएमयू कोच में मिलीं खामियां, बदलाव करेगा रेलवे
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सीसीएसआर की रिपोर्ट में खुलासा, यात्रियों के चढ़ने-उतरने की सीढ़ियों और कंट्रोल केबिन में होगा बदलाव
ट्रेन सेट की स्क्रीन पर चलाया जाएगा रूट चार्ट
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। कालका-शिमला रेलवे ट्रैक पर ट्रायल के दौरान डीजल हाइड्रोलिक मल्टीपल यूनिट (डीएचएमयू) ट्रेन सेट में एक बार फिर खामियां पाई गई हैं।
नागरिक उड्डयन मंत्रालय के अधीन मुख्य रेलवे संरक्षा आयुक्त (सीसीआरएस) की रिपोर्ट के अनुसार ट्रेन सेट के कोचों और इंजन में कई महत्वपूर्ण बदलाव करने की सिफारिश की गई है। मुख्य रेलवे संरक्षा आयुक्त (सीसीआरएस) की टीम ने यह रिपोर्ट रेलवे मंत्रालय को भेज दी है। रिपोर्ट में यात्रियों के चढ़ने-उतरने की सीढ़ियों में सुधार का सुझाव दिया है। इन्हें अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने पर जोर दिया है। इसके साथ ही कंट्रोल केबिन में भी बदलाव करने होंगे क्योंकि इसकी ऊंचाई अधिक होने के कारण नजदीकी पटरी को देखना मुश्किल हो रहा था। इससे आपात स्थिति के दौरान दिक्कत की आशंका बनी रहती है। इसे देखते हुए कंट्रोल केबिन की ऊंचाई कम करने की सिफारिश की गई है। इसके अलावा इमरजेंसी सिस्टम, फ्रंट डोर और टेंपरेरी गेज में भी सुधार किया जाएगा। वहीं ट्रेन सेट में लगी स्क्रीन पर अब रूट चार्ट भी प्रदर्शित होगा। इससे यात्रियों को यात्रा के दौरान मार्ग की जानकारी आसानी से मिल सकेगी। इन बदलावों से डीएचएमयू कोचों की कार्यप्रणाली बेहतर होने और यात्रियों को अधिक सुविधाजनक यात्रा अनुभव मिलने की उम्मीद है। जून के अंतिम सप्ताह में कालका-शिमला रेलवे ट्रैक पर डीएचएमयू ट्रेन सेट का अंतिम ट्रायल किया गया था। इसी ट्रायल की रिपोर्ट में ये खामियां सामने आई हैं। अब इन कमियों को दूर करने के बाद मुख्य रेलवे संरक्षा आयुक्त (सीसीआरएस) की टीम दोबारा कालका-शिमला रेलवे ट्रैक पर ट्रेन सेट का ट्रायल करेगी।
ट्रेन सेट में तीन कोच हैं और प्रत्येक कोच में 60 यात्री बैठ सकेंगे। इसकी खास बात यह है कि यात्री ट्रेन से उतरे बिना ही एक कोच से दूसरे कोच में जा सकेंगे। इन दिनों कालका-शिमला रेलवे मार्ग पर छह ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है। बाहरी राज्यों से बड़ी संख्या में पर्यटक गर्मी से राहत पाने के लिए रेल मार्ग के माध्यम से शिमला पहुंच रहे हैं।
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ट्रेन सेट की स्क्रीन पर चलाया जाएगा रूट चार्ट
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। कालका-शिमला रेलवे ट्रैक पर ट्रायल के दौरान डीजल हाइड्रोलिक मल्टीपल यूनिट (डीएचएमयू) ट्रेन सेट में एक बार फिर खामियां पाई गई हैं।
नागरिक उड्डयन मंत्रालय के अधीन मुख्य रेलवे संरक्षा आयुक्त (सीसीआरएस) की रिपोर्ट के अनुसार ट्रेन सेट के कोचों और इंजन में कई महत्वपूर्ण बदलाव करने की सिफारिश की गई है। मुख्य रेलवे संरक्षा आयुक्त (सीसीआरएस) की टीम ने यह रिपोर्ट रेलवे मंत्रालय को भेज दी है। रिपोर्ट में यात्रियों के चढ़ने-उतरने की सीढ़ियों में सुधार का सुझाव दिया है। इन्हें अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने पर जोर दिया है। इसके साथ ही कंट्रोल केबिन में भी बदलाव करने होंगे क्योंकि इसकी ऊंचाई अधिक होने के कारण नजदीकी पटरी को देखना मुश्किल हो रहा था। इससे आपात स्थिति के दौरान दिक्कत की आशंका बनी रहती है। इसे देखते हुए कंट्रोल केबिन की ऊंचाई कम करने की सिफारिश की गई है। इसके अलावा इमरजेंसी सिस्टम, फ्रंट डोर और टेंपरेरी गेज में भी सुधार किया जाएगा। वहीं ट्रेन सेट में लगी स्क्रीन पर अब रूट चार्ट भी प्रदर्शित होगा। इससे यात्रियों को यात्रा के दौरान मार्ग की जानकारी आसानी से मिल सकेगी। इन बदलावों से डीएचएमयू कोचों की कार्यप्रणाली बेहतर होने और यात्रियों को अधिक सुविधाजनक यात्रा अनुभव मिलने की उम्मीद है। जून के अंतिम सप्ताह में कालका-शिमला रेलवे ट्रैक पर डीएचएमयू ट्रेन सेट का अंतिम ट्रायल किया गया था। इसी ट्रायल की रिपोर्ट में ये खामियां सामने आई हैं। अब इन कमियों को दूर करने के बाद मुख्य रेलवे संरक्षा आयुक्त (सीसीआरएस) की टीम दोबारा कालका-शिमला रेलवे ट्रैक पर ट्रेन सेट का ट्रायल करेगी।
ट्रेन सेट में तीन कोच हैं और प्रत्येक कोच में 60 यात्री बैठ सकेंगे। इसकी खास बात यह है कि यात्री ट्रेन से उतरे बिना ही एक कोच से दूसरे कोच में जा सकेंगे। इन दिनों कालका-शिमला रेलवे मार्ग पर छह ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है। बाहरी राज्यों से बड़ी संख्या में पर्यटक गर्मी से राहत पाने के लिए रेल मार्ग के माध्यम से शिमला पहुंच रहे हैं।
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