बैठक में फैसला: अवैध कटान, खनन और अतिक्रमण रोकने के लिए होगा ड्रोन कैमरों का इस्तेमाल
विभाग के चुनिंदा फ्रंटलाइन स्टाफ को ड्रोन कैमरों को इस्तेमाल में लाने के लिए प्रशिक्षित किया जाए। ड्रोन कैमरों के माध्यम से वनों की निगरानी के लिए मानक संचालन प्रक्रिया आगामी बैठक से पूर्व तैयार की जाए।
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मुख्य सचिव राम सुभग सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वनों में हो रहे अवैध कटान, अवैध खनन, अतिक्रमण पर निगरानी के लिए ड्रोन कैमरों का इस्तेमाल करें। विभाग के चुनिंदा फ्रंटलाइन स्टाफ को ड्रोन कैमरों को इस्तेमाल में लाने के लिए प्रशिक्षित किया जाए। ड्रोन कैमरों के माध्यम से वनों की निगरानी के लिए मानक संचालन प्रक्रिया आगामी बैठक से पूर्व तैयार की जाए। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में शुक्रवार को राज्य प्रतिपूरक वनरोपण निधि प्रबंधन और योजना प्राधिकरण (कैंपा) की 5वीं संचालन समिति की बैठक हुई। बैठक में चौथी संचालन समिति की कार्रवाई की समीक्षा की गई और वर्ष 2022-23 के लिए प्रस्तावित वार्षिक कार्य योजना के विभिन्न मुद्दों पर भी विस्तृत चर्चा की गई।
उन्होंने वन विभाग में अपराधों को रोकने के लिए कैंपा में वर्ष 2022.23 के लिए प्रस्तावित वार्षिक कार्य योजना की कार्य सूची को तय समय पर पूरा करने के निर्देश भी दिए। मुख्य अरण्यपाल और मुख्य कार्यकारी अधिकारी कैंपा राजेश शर्मा ने वन विभाग में गत तीन साल के दौरान किए गए कार्यों और वर्ष 2022-23 के लिए प्रस्तावित वार्षिक कार्य योजना की कार्य सूची को संचालन समिति के समक्ष रखा। अतिरिक्त मुख्य सचिव वन निशा सिंह, प्रधान मुख्य अरण्यपाल वन अजय श्रीवास्तव, अतिरिक्त प्रधान मुख्य अरण्यपाल राकेश गुप्ता, अतिरिक्त प्रधान मुख्य अरण्यपाल प्रबंधन डॉ. सुशील कापटा, मुख्य अरण्यपाल वन्य प्राणी (दक्षिण) शिमला के थीरूमल, वन मंडल अधिकारी ईको टूरिज्म कैंपा प्रीति भंडारी इस दौरान मौजूद रहे।