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नगर निगम शिमला की आखिरी बैठक में हुआ हंगामा, वॉकआउट
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Tue, 30 May 2017 11:45 AM IST
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नगर निगम के अंतिम हाउस में जमकर हंगामा हुआ। मेयर ने जल संकट के सवाल का मजाक उड़ाया तो सदन में जमकर हल्ला हुआ। सदन के सदस्य भाजपा विधायक सुरेश भारद्वाज और भाजपा के पार्षदों ने वॉकआउट कर दिया। सोमवार को नगर निगम का अंतिम हाउस था। समय करीब 3:00 बजे। सदन शुरू हुआ। महापौर संजय चौहान की अध्यक्षता में प्रस्तुत एजेंडे पर चर्चा चल रही थी।
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कृष्णानगर में पुलिस चौकी खोलने पर चर्चा हुई। इसके बाद शहर में सड़कों के किनारे मोबाइल कैंटीन के किराये को निश्चित करने का मुद्दा पेश किया। ढली पार्षद शैलेंद्र चौहान ने प्रतिक्रिया दी कि शहर में पार्किंग की बेहद किल्लत चल रही है। हैरानी है सदन में मोबाइल कैंटीनों को सड़क किनारे चलाने की बात की जा रही है।
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वहीं रूलदूभट्ठा पार्षद सरोज ठाकुर ने कहा कि सदन में हर बार ऐसे बड़े-बड़े एजेंडे लाए जाते हैं लेकिन मूलभूत आवश्यकताओं की ओर ध्यान नहीं दिया जाता। सदन के सदस्य विधायक सुरेश भारद्वाज ने शहर में पानी की किल्लत का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि शहर में जल संकट गहराया हुआ है और एजेंडे में किसी और ही मुद्दे पर चर्चा हो रही है।
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उन्होंने कहा, शहर में पानी कहां है मेयर साहब। मेयर ने प्रतिक्रिया दी कि सामने टेबल पर जो पड़ा है। ऐसा कहने से विधायक गुस्से में आ गए और सदन से वॉकआउट करने की बात कही। उन्होंने कहा कि पांच सालों में एमसी द्वारा पिलाए गए पानी से पीलिया फैल गया और शहर को मौजूदा समय में प्यासा रखा जा रहा है, इसका जिम्मेदार कौन है।
मेयर संजय चौहान का कहना था कि शिमला में दस साल से तो आप विधायक हैं। साल 2007, 2009 और 2011 में भी पीलिया फैला था, उस वक्त क्यों स्थिति सुधारी नहीं गई। इस मामले पर विधायक सहित अन्य मौजूद भाजपा के पार्षद बहसबाजी करते-करते सदन से बाहर चले गए।