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Snake Bite: हिमाचल में मरीजों के देरी से अस्पताल आने से हो रही सांप के डसने से मौतें

Sun, 16 Apr 2023 11:53 AM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Sun, 16 Apr 2023 11:53 AM IST
सार

राज्य में पाए जाने वाले करीब 80 प्रतिशत सांप विषैले नहीं होते हैं। यह अध्ययन आईजीएमसी शिमला में प्रो. जितेंद्र मोक्टा, प्रो. प्रेम मच्छान और सह प्राचार्य डॉ. आरसी नेगी ने संयुक्त रूप से किया है।

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Death due to snake bite due to late arrival of patients to the hospital
सांप का डस(सांकेतिक) - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सांप के डसने के बाद मरीजों के अस्पताल में देरी से आने से वे या तो गंभीर रूप से बीमार हो रहे हैं या उनकी मौत हो रही है। राज्य में पाए जाने वाले करीब 80 प्रतिशत सांप विषैले नहीं होते हैं। यह अध्ययन आईजीएमसी शिमला में प्रो. जितेंद्र मोक्टा, प्रो. प्रेम मच्छान और सह प्राचार्य डॉ. आरसी नेगी ने संयुक्त रूप से किया है। हिमाचल प्रदेश के सबसे बड़े अस्पताल आईजीएमसी शिमला में 190 मरीजों के रिकॉर्ड का निरीक्षण किया गया ताे सर्पदंश की घटनाएं महिलाओं में ज्यादा पाई गईं, जो 118 थीं। यानी 62.1 प्रतिशत थीं।

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यह घटना ज्यादातर 21 से 50 साल के आयु वर्ग के लोगों के बीच हुई। ज्यादातर सर्पदंश ऊपरी अंगों में ही हुए हैं। 106 लोगों यानी 54.7 प्रतिशत को दिन के वक्त काटा गया। सबसे ज्यादा 155 लोगों यानी 81.5 प्रतिशत को बारिश के मौसम के दौरान ही सांप ने काटा। 54 मरीजों यानी 28.4 प्रतिशत को सांप के डसने के छह घंटों के अंदर चिकित्सकों तक पहुंचाया गया। 167 मरीजों यानी 87.8 प्रतिशत को एंटी स्नेक वीनम दिया गया। 152 यानी 80 प्रतिशत लोगों का अस्पताल में स्टे तीन दिन का था। मृत्यु दर 1.05 प्रतिशत मामलों में ही देखी गई।
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सांप के डसने पर चिंता न करें, चिंता से परेशानी बढ़ती है : प्रो मोक्टा
प्रो. जितेंद्र मोक्टा ने बताया कि सांप के डसने पर चिंता न करें। चिंता से परेशानी बढ़ती है। काटे हुए अंग के आसपास टॉर्निकी न बांधें। उसको स्थिर रखें। वहां कट न मारें। लोकल चीजें न डालें। गोमूत्र, गाेबर या आयोडीन न लगाएं। इसे पानी से साफ करें। तत्काल एंटी वीनम से इलाज करवाएं। सांप टांग में डसे तो हिले नहीं।

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