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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Dalai Lama , Will prefer to die in free democracy of India, rather than among artificial Chinese officials

Himachal: दलाई लामा बोले- मैं भारत में मरना पसंद करूंगा, न कि चीन के कृत्रिम अफसरों से घिरकर

Thu, 22 Sep 2022 09:29 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो/एजेंसी, धर्मशाला/शिमला
अमर उजाला ब्यूरो/एजेंसी, धर्मशाला/शिमला Published by: Krishan Singh Updated Thu, 22 Sep 2022 09:29 PM IST
सार

तिब्बती बौद्ध धर्मगुरु दलाईलामा ने कहा कि मैंने पूर्व भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से कहा था कि मैं 15 से 20 साल और जीऊंगा, लेकिन मैं भारत में मरना पसंद करूंगा। भारत ऐसे लोगों से घिरा हुआ है जो प्यार दिखाते हैं। 

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Dalai Lama , Will prefer to die in free democracy of India, rather than among artificial Chinese officials
तिब्बती आध्यात्मिक गुरु दलाई लामा - फोटो : ANI

विस्तार

तिब्बती बौद्ध धर्मगुरु दलाईलामा ने गुरुवारको कहा, मैं भारत में मरना पसंद करूंगा, न कि चीन में वहां के कृत्रिम अधिकारियों से घिरकर। उन्होंने यह टिप्पणी हिमाचल प्रदेश के मैक्लोडगंज स्थित अपने आवास पर यूनाइटेड स्टेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ पीस के एक संवाद कार्यक्रम में युवा नेताओं के साथ दो दिवसीय संवाद के दौरान की। बौद्ध धर्मगुरु ने कहा कि मैंने पूर्व भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से कहा था कि मैं 15 से 20 साल और जीऊंगा, लेकिन मैं भारत में मरना पसंद करूंगा। भारत ऐसे लोगों से घिरा हुआ है जो प्यार दिखाते हैं। यहां कुछ भी कृत्रिम नहीं। अगर मैं चीनी अधिकारियों से घिरा हुआ मर जाऊं तो यह बहुत अधिक कृत्रिम होगा, क्योंकि चीन के लोग कृत्रिम हैं। उन्होंने कहा कि मृत्यु के समय भरोसेमंद दोस्तों से घिरा होना चाहिए जो वास्तविक भावनाएं दिखाते हैं।

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दलाईलामा एलिस एंड क्लिफोर्ड स्पेंडलोव अवार्ड से होंगे सम्मानित  
 शांति, करुणा और दयालुता जैसे मूल्यों को बढ़ावा देने के लिए तिब्बती बौद्ध धर्मगुुरु दलाईलामा को 15वें एलिस एंड क्लिफोर्ड स्पेंडलोव अवार्ड से सम्मानित किया जाएगा। यह अवार्ड 15वें सम्मान समारोह में 26 सितंबर को मिलेगा। 18 सितंबर को वर्चुअल कार्यक्रम में इस प्रतिष्ठित अवार्ड के लिए दलाईलामा के नाम की घोषणा की गई थी। कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी मर्सिड में शेरी स्पेंडलोव ने 2005 में इस अवार्ड की शुरुआत की थी। शेरी स्पेंडलोव ने दलाईलामा के चयन पर कहा कि राजनीतिक रूप से लगातार विभाजक हो रहे समाज और संसार में बढ़ते टकरावों के बीच दलाईलामा का करुणा, शांति और दया का संदेश उपयोगी साबित हो रहा है। इस अवार्ड में 15,000 अमेरिकी डॉलर दिए जाते हैं। यह अवार्ड पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति जिमी कार्टर और नोबेल पुरस्कार विजेता रिगोबर्टा को दिया जा चुका है।
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मुख्यमंत्री राहत कोष के लिए 10 लाख रुपये का अंशदान 
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को ‘द दलाईलामा ट्रस्ट’ की ओर से मुख्यमंत्री राहत कोष के लिए 10 लाख रुपये का चेक भेंट किया। चीफ रिप्रेंजेंटेटिव ऑफिस के वांगयाल लामा ने मुख्यमंत्री को चेक भेंट किया। मुख्यमंत्री ने इस पुनीत कार्य के लिए धर्मगुरु दलाईलामा का आभार व्यक्त किया।

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