अनुबंध कर्मियों की तर्ज पर दैनिक वेतनभोगियों ने मांगा नियमितीकरण
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राज्य के दैनिक वेतनभोगियों ने अनुबंध कर्मचारियों की तर्ज पर उन्हें भी नियमित करने की मांग उठाई है। प्रदेश सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ ने बजट सत्र में कर्मचारियों के लिए विभिन्न लाभ देने के लिए सरकार की सराहना की है।
प्रदेशाध्यक्ष एलडी चौहान ने कहा कि सरकार ने कर्मचारियों को बिना मांगे कई वित्तीय लाभ दिए हैं। उन्होंने मांग की कि जिस तरह प्रदेश में अनुबंध कर्मचारियों के नियमितीकरण के लिए तीन वर्ष का कार्यकाल है, उसी तर्ज पर समान कार्य समान नीति के आधार पर दैनिक वेतनभोगियों का कार्यकाल भी नियमितीकरण
को तीन साल किया जाए। एक तो दैनिक वेतनभोगियों का वेतन कम है। दूसरा इनको अनुबंध कर्मियों के समान कार्य करने पर भी पांच साल पक्के होने के लिए इंतजार करना पड़ता है। महासंघ ने सरकार से गुहार लगाई है कि विभाग फील्ड स्टाफ के कर्मचारियों की कमी से जूझ रहा है। ऐसे में गांव में जल वितरण का कार्य देख रहे वाटर गार्डों के लिए स्थायी नीति बनाई जाए।
आयुर्वेद फार्मासिस्टों के 226 पद भरने की मांग
राज्य आयुर्वेदिक फार्मासिस्ट महासंघ ने सरकार से संशोधित वेतनमान या ग्रेड पे आयुर्वेद विभाग में कार्यरत फार्मासिस्टों को देने की मांग की है। महासंघ के प्रधान विनोद शर्मा, महासचिव तिलक ठाकुर और वरिष्ठ उपाध्यक्ष कुलदीप चंदेल ने कहा कि पंजाब में आयुर्वेद फार्मासिस्ट का पद न होने के कारण सरकार की
ओर से एक अप्रैल 1978 से हिमाचल विभाग में कार्यरत फार्मासिस्टों को स्वास्थ्य विभाग में तैनात फार्मासिस्टों के बराबर वेतन दिया जाए। महासंघ ने आयुर्वेद फार्मासिस्टों के 226 रिक्त पदों को भी भरने की मांग की है।