Kullu News: हिमाचल के अस्पतालों में अब दो साल तक के बच्चों को रोजाना टीकाकरण की सुविधा
प्रदेश में दो साल तक के बच्चों को अब मेडिकल कॉलेजों और क्षेत्रीय अस्पतालों में रोजाना टीकाकरण की सुविधा मिलेगी। अभी तक सप्ताह में सिर्फ बुधवार को बच्चों को टीकाकरण की सुविधा मिल रही थी।
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हिमाचल प्रदेश में दो साल तक के बच्चों को अब मेडिकल कॉलेजों और क्षेत्रीय अस्पतालों में रोजाना टीकाकरण की सुविधा मिलेगी। अभी तक सप्ताह में सिर्फ बुधवार को बच्चों को टीकाकरण की सुविधा मिल रही थी। स्वास्थ्य विभाग ने राष्ट्रीय टीकाकरण शेड्यूल में परिवर्तन किया है। इसके चलते अब बच्चों को रोजाना पात्रता के अनुसार ओपीवी, आईपीवी, आरवीवी, एमआर, डीपीटी और बूस्टर का टीका लगाया जाएगा। इसके लिए स्वास्थ्य निदेशालय से प्रदेश के सभी जिलों के मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी कुल्लू डॉ. नागराज पवार ने कहा कि स्वास्थ्य निदेशालय ने प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों और क्षेत्रीय अस्पतालों में शून्य से दो साल तक के पात्र बच्चों का रोजाना टीकाकरण करने के निर्देश जारी कर दिए हैं।
बच्चों को कब-कब लगेगा टीका
छह माह ओपीवी-1, आरवीवी-1, एफआईपीवी-1 और पीसीवी-1
दस माह ओपीवी-2 और आरवीवी-2
14 माह ओपीवी-3, आरवीवी-3, एफआईपीवी-2 और पीसीवी-2
चार से 12 माह एमआर-1, एफआईपीवी-3, पीसीवी बूस्टर और जेई-1
16 से 24 माह ओपीवी बूस्टर, एमआर-2, डीपीटी बूस्टर-1 और जेई-2
यूविन पोर्टल से जुड़ेंगे हिमाचल के सरकारी व निजी अस्पताल
हिमाचल प्रदेश के सरकारी और निजी अस्पताल यूविन पोर्टल से जुड़ेंगे। सरकार की ओर से अभी पायलट प्रोजेक्ट के तहत जिला सोलन व सिरमौर को इस सुविधा से जोड़ा है। इस पोर्टल पर जच्चा-बच्चा टीकाकरण की जानकारी उपलब्ध रहेगी। इसमें मां के गर्भ धारण से लेकर बच्चे के जन्म के बाद समय-समय पर होने वाले टीकाकरण की जानकारी मिलेगी। खास बात यह है कि इस पोर्टल को लेबर रूम से भी जोड़ा जा रहा है, ताकि सही व सटीक जानकारी उपलब्ध रहे। यूविन पोर्टल से ही टीकाकरण संबंधी जानकारी एसएमएस से लाभार्थी के मोबाइल नंबर पर मिलेगी। जच्चा बच्चा को कब व किस समय कौन सा टीकाकरण होना है, इसकी जानकारी एसएमएस से मिलेगी। लाभार्थी को पंजीकरण करवाने के लिए आधारकार्ड व मोबाइल नंबर वैक्सीनेशन केंद्र में देना होगा। नेशनल हेल्थ मिशन के निदेशक हेमराज बैरवा ने बताया कि प्रदेश में सालाना एक लाख से अधिक नवजात शिशुओं और लगभग 1.27 लाख गर्भवती महिलाओं के टीकाकरण का अनुमानित लक्ष्य रखा गया है।