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साइबर क्राइम: हिमाचल में ठगी की साइटों को लेकर एडवाइजरी जारी
Mon, 28 Feb 2022 06:18 PM IST
Krishan Singh
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Mon, 28 Feb 2022 06:18 PM IST
सार
फर्जी कंपनियों की ओर से लोगों को ओटीपी शेयर करने और लोन दिए जाने का झांसा दिया जा रहा है। साइबर पुलिस ने इस मामले में छह लाख रुपये की राशि रिकवर भी की है। पुलिस ने ठगी करने में इस्तेमाल होने वाली साइटों को चिह्नित कर इनका इस्तेमाल न करने की एडवाइजरी जारी की है।
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साइबर अपराध (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
हिमाचल प्रदेश में वर्ष 2022 में 55 दिन के भीतर में 200 लोग ऑनलाइन ठगी का शिकार हुए हैं। फर्जी कंपनियों की ओर से लोगों को ओटीपी शेयर करने और लोन दिए जाने का झांसा दिया जा रहा है। साइबर पुलिस ने इस मामले में छह लाख रुपये की राशि रिकवर भी की है। पांच लाख की राशि को होल्ड करवाया है। शिमला, कांगड़ा, हमीरपुर और सोलन के लोग ज्यादा ऑनलाइन ठगी के शिकार हो रहे हैं। साइबर क्राइम टीम ने लोगों से विभिन्न कारणों का हवाला देकर ठगी करने में इस्तेमाल होने वाली साइटों को चिह्नित कर इनका इस्तेमाल न करने की एडवाइजरी जारी की है।
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साइबर क्राइम के एएसपी नरवीर सिंह राठौर ने कहा कि पिछले कुछ समय से साइबर अपराध का काफी बढ़ा है। शातिर नए तरीकों का प्रयोग कर लोगों को ठग रहे हैं। पैन कार्ड बनाने से लेकर क्र्रेडिट कार्ड के प्वाइंट रिडीम करने, ओटीपी शेयर करने, लोन देने के लिए साक्षात्कार करवाने के नाम पर लिंक भेजकर ठगी की जा रही है। उन्होंने कहा कि करीब 400 ऐसी एप्लीकेशन हैं। जो फर्जी हैं। इनके लिंक लोगों को भेजे जा रहे हैं। लोग भी इनके झांसे में आकर लोन और अन्य चीजों के लिए आवेदन कर देते हैं। ऐसे में उनके एकाउंट से पैसे कटने शुरू हो जाते है। इसके बाद लोग पुलिस थाना आकर शिकायतें करते हैं।
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