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गायकी और शहनाई की जुगलबंदी ने बांधा समा
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Thu, 18 Sep 2014 10:29 PM IST
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राजधानी के ऐतिहासिक गेयटी थियेटर में क्लासिकल म्यूजिकल फेस्टिवल के दूसरे दिन गायकी और शहनाई वादन की जुगलबंदी ने समा बांधा। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डा. कर्नल धनीराम शांडिल ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की।
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राग यमन पर आधारित बंदिश पीया तोरे नयना प्यारे लागे की प्रस्तुति देकर शास्त्रीय संगीत गायक उस्ताद जावेद अली, मजहर अली खान और पंडित दयाशंकर के शहनाई वादन की जुगलबंदी ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
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हिमाचल प्रदेश भाषा, कला एवं संस्कृति विभाग, पर्यटन विभाग तथा पंजाबी अकादमी दिल्ली के संयुक्त तत्वाधान में क्लासिकल म्यूजिक फेस्टिवल का आयोजन किया गया। शिमला के बतौर समर कैपिटल 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
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मंत्री डा. कर्नल धनीराम शांडिल ने प्रस्तुति देने वाले सभी कलाकारों को सम्मानित किया। कार्यक्रम में अश्वनी शंकर, योगेश शंकर ने भी शहनाई की प्रस्तुति दी। उस्ताद मजहर अली खान और उस्ताद जावेद अली खान पद्म विभूषण उस्ताद बड़े गुलाम अली खान के पोते हैं।
आज पंडित छन्नूलाल मिश्र देंगे प्रस्तुति
क्लासिकल म्यूजिकल फेस्टिवल के तीसरे दिन शुक्रवार को मशहूर कलाकार पंडित छन्नूलाल मिश्र प्रस्तुति देंगे। गेयटी थियेटर में शाम छह बजे कार्यक्रम शुरू होगा। पंडित छन्नूलाल मिश्र ठुमरी के प्रतिष्ठ गायक हैं। वे किराना घराना से संबंधित हैं और बनारस गायकी के मुख्य गायक हैं। इन्हें खयाल, ठुमरी, भजन, दादरा, कजरी और चैती के लिए जाना जाता है।
मुख्यमंत्री ने की परवीण सुल्ताना की प्रशंसा
क्लासिकल म्यूजिकल फेस्टिवल के पहले दिन प्रस्तुति देने वाली प्रसिद्ध शास्त्रीय संगीत गायिका परवीण सुल्ताना की मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने प्रशंसा की है। अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि एक दिन पूर्व परिवार में एक सदस्य की मृत्यु के बावजूद सुल्ताना ने क्लासिकल म्यूजिकल फेस्टिवल में अपनी प्रस्तुति दी है। यह उनकी संगीत के प्रति सेवा और समर्पण की भावना दर्शाता है।