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Shimla News: सावन के तीसरे सोमवार को आज मनेगा नाग पंचमी का महापर्व
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माहूनाग मंदिर शगीन में होगा विशेष कार्यक्रम, नाग पूजा के साथ लगेगा भंडारा
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। सावन मास का पावन पर्व इस बार श्रद्धालुओं के लिए विशेष संयोग लेकर आ रहा है। 17 अगस्त को नाग पंचमी का महापर्व मनाया जा रहा है। खास बात यह है कि इस दिन सोमवार भी है और यह सावन का तीसरा सोमवार होगा।
इस अवसर पर शहर से सटे शोघी क्षेत्र में स्थित माहूनाग मंदिर शगीन में विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। मंदिर में श्रद्धालुओं के लिए नाग पूजा, भव्य दर्शन और भंडारे की व्यवस्था रहेगी। आयोजकों ने श्रद्धालुओं से परिवार और मित्रों सहित पहुंचकर माहूनाग देवता का आशीर्वाद लेने का आह्वान किया है। इसके अलावा शहर के अन्य शिव मंदिरों भी दिनभर श्रद्धालु दर्शन करने के लिए पहुंचेगे। नाग पंचमी के दिन भगवान शिव के साथ नाग देवता की पूजा की जाती है। पूजा में हल्दी, रोली, अक्षत, पुष्प और दूध आदि अर्पित करने की परंपरा है। कई श्रद्धालु इस अवसर पर रुद्राभिषेक भी करवाते हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस दिन अनंत, वासुकी, शेष, पद्म, कंबल, कर्कोटक, अश्वतर, धृतराष्ट्र, शंखपाल, कालिया, तक्षक और पिंगल समेत 12 प्रमुख नागों का स्मरण और पूजन किया जाता है।
धार्मिक मान्यता के अनुसार माहूनाग देवता के दर्शन और पूजा-अर्चना से जन्मकुंडली का सर्प दोष, पितृदोष व राहु-केतु से संबंधित कष्टों से निवारण होता है। श्रावण मास को भगवान शिव को समर्पित माना जाता है। इसी दौरान नागपंचमी पर नाग देवता की पूजा-अर्चना की जाती है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। सावन मास का पावन पर्व इस बार श्रद्धालुओं के लिए विशेष संयोग लेकर आ रहा है। 17 अगस्त को नाग पंचमी का महापर्व मनाया जा रहा है। खास बात यह है कि इस दिन सोमवार भी है और यह सावन का तीसरा सोमवार होगा।
इस अवसर पर शहर से सटे शोघी क्षेत्र में स्थित माहूनाग मंदिर शगीन में विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। मंदिर में श्रद्धालुओं के लिए नाग पूजा, भव्य दर्शन और भंडारे की व्यवस्था रहेगी। आयोजकों ने श्रद्धालुओं से परिवार और मित्रों सहित पहुंचकर माहूनाग देवता का आशीर्वाद लेने का आह्वान किया है। इसके अलावा शहर के अन्य शिव मंदिरों भी दिनभर श्रद्धालु दर्शन करने के लिए पहुंचेगे। नाग पंचमी के दिन भगवान शिव के साथ नाग देवता की पूजा की जाती है। पूजा में हल्दी, रोली, अक्षत, पुष्प और दूध आदि अर्पित करने की परंपरा है। कई श्रद्धालु इस अवसर पर रुद्राभिषेक भी करवाते हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस दिन अनंत, वासुकी, शेष, पद्म, कंबल, कर्कोटक, अश्वतर, धृतराष्ट्र, शंखपाल, कालिया, तक्षक और पिंगल समेत 12 प्रमुख नागों का स्मरण और पूजन किया जाता है।
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धार्मिक मान्यता के अनुसार माहूनाग देवता के दर्शन और पूजा-अर्चना से जन्मकुंडली का सर्प दोष, पितृदोष व राहु-केतु से संबंधित कष्टों से निवारण होता है। श्रावण मास को भगवान शिव को समर्पित माना जाता है। इसी दौरान नागपंचमी पर नाग देवता की पूजा-अर्चना की जाती है।
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