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Shimla News: कंस वध से मिला धर्म की विजय का संदेश
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राधा-कृष्ण मंदिर में कथा के छठे दिन उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। राजधानी के गंज बाजार में स्थित राधा-कृष्ण मंदिर में श्रीकृष्ण लीला कथा के छठे दिन रविवार को कंस वध और ब्रज की गोपियों के निर्मल प्रेम का वर्णन किया गया। कथा व्यास आचार्य सौरभ ने बताया कि कंस के अत्याचारों से जब मथुरा की प्रजा त्रस्त हो गई, तब भगवान श्रीकृष्ण ने धर्म की स्थापना और अधर्म के विनाश के लिए कंस का वध किया। कंस वध केवल एक अत्याचारी के अंत की कथा नहीं, बल्कि यह संदेश है कि अधर्म कितना भी शक्तिशाली क्यों न दिखाई दे, अंत में विजय सत्य और धर्म की ही होती है। कथावाचक ने भगवान श्रीकृष्ण और ब्रज की गोपियों के प्रेम का वर्णन करते हुए कहा कि गोपियों का प्रेम सांसारिक नहीं, बल्कि निष्काम और भक्ति का प्रतीक है। उनके लिए श्रीकृष्ण ही जीवन का आधार, आराध्य और सर्वस्व थे। इस प्रेम में किसी प्रकार की प्राप्ति की अपेक्षा नहीं, बल्कि पूर्ण समर्पण का भाव था। सनातन धर्म सभा के प्रचार मंत्री सुमन पाल दत्ता ने बताया कि कथा रोजाना शाम 4 से 6 बजे तक आयोजित की जा रही है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। राजधानी के गंज बाजार में स्थित राधा-कृष्ण मंदिर में श्रीकृष्ण लीला कथा के छठे दिन रविवार को कंस वध और ब्रज की गोपियों के निर्मल प्रेम का वर्णन किया गया। कथा व्यास आचार्य सौरभ ने बताया कि कंस के अत्याचारों से जब मथुरा की प्रजा त्रस्त हो गई, तब भगवान श्रीकृष्ण ने धर्म की स्थापना और अधर्म के विनाश के लिए कंस का वध किया। कंस वध केवल एक अत्याचारी के अंत की कथा नहीं, बल्कि यह संदेश है कि अधर्म कितना भी शक्तिशाली क्यों न दिखाई दे, अंत में विजय सत्य और धर्म की ही होती है। कथावाचक ने भगवान श्रीकृष्ण और ब्रज की गोपियों के प्रेम का वर्णन करते हुए कहा कि गोपियों का प्रेम सांसारिक नहीं, बल्कि निष्काम और भक्ति का प्रतीक है। उनके लिए श्रीकृष्ण ही जीवन का आधार, आराध्य और सर्वस्व थे। इस प्रेम में किसी प्रकार की प्राप्ति की अपेक्षा नहीं, बल्कि पूर्ण समर्पण का भाव था। सनातन धर्म सभा के प्रचार मंत्री सुमन पाल दत्ता ने बताया कि कथा रोजाना शाम 4 से 6 बजे तक आयोजित की जा रही है।