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Shimla News: वरुथिनी एकादशी व्रत आज, भगवान विष्णु की पूजा का विशेष महत्व
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व्रत का पारण कल, सुबह 6:54 से लेकर 8:31 बजे तक रहेगा समय
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। वैशाख माह में कृष्ण पक्ष में पड़ने वाली एकादशी को वरुथिनी एकादशी के नाम से जाना जाता है। इस वर्ष वरुथिनी एकादशी का व्रत सोमवार को रखा जाएगा। दृग पंचांग के अनुसार एकादशी तिथि 13 अप्रैल को सुबह 1:16 मिनट से शुरू हो गई है जो 14 अप्रैल को सुबह 1:08 बजे पर समाप्त होगी। ऐसे में उदया तिथि के आधार पर वैशाख माह की पहली एकादशी यानी वरुथिनी एकादशी का व्रत 13 अप्रैल को रखा गया। व्रत का पारण 14 अप्रैल को किया जाएगा। इस दिन पारण का समय सुबह 6:54 से लेकर 8:31 बजे तक रहेगा।
राधा-कृष्ण मंदिर के पुजारी उमेश नौटियाल ने बताया कि वरुथिनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु की पूजा करने और व्रत रखने से सुख-समृद्धि, सौभाग्य की प्राप्ति होती है। दृग पंचांग के अनुसार साल में कुल 24 एकादशी पड़ती हैं। ऐसे में हर मास के कृष्ण और शुक्ल पक्ष में एक-एक एकादशी पड़ती है और हर एक एकादशी का अपना-अपना महत्व है। ऐसे ही वैशाख मास के कृष्ण पक्ष में पड़ने वाली एकादशी को विशेष माना जाता है। इस एकादशी के दिन भगवान विष्णु की पूजा करने के साथ व्रत रखने का विधान है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन व्रत रखने से कई तरह के पापों से मुक्ति मिलती है। इसके साथ ही भौतिक एवं आध्यात्मिक दोनों प्रकार के कल्याण की प्राप्ति होती है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। वैशाख माह में कृष्ण पक्ष में पड़ने वाली एकादशी को वरुथिनी एकादशी के नाम से जाना जाता है। इस वर्ष वरुथिनी एकादशी का व्रत सोमवार को रखा जाएगा। दृग पंचांग के अनुसार एकादशी तिथि 13 अप्रैल को सुबह 1:16 मिनट से शुरू हो गई है जो 14 अप्रैल को सुबह 1:08 बजे पर समाप्त होगी। ऐसे में उदया तिथि के आधार पर वैशाख माह की पहली एकादशी यानी वरुथिनी एकादशी का व्रत 13 अप्रैल को रखा गया। व्रत का पारण 14 अप्रैल को किया जाएगा। इस दिन पारण का समय सुबह 6:54 से लेकर 8:31 बजे तक रहेगा।
राधा-कृष्ण मंदिर के पुजारी उमेश नौटियाल ने बताया कि वरुथिनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु की पूजा करने और व्रत रखने से सुख-समृद्धि, सौभाग्य की प्राप्ति होती है। दृग पंचांग के अनुसार साल में कुल 24 एकादशी पड़ती हैं। ऐसे में हर मास के कृष्ण और शुक्ल पक्ष में एक-एक एकादशी पड़ती है और हर एक एकादशी का अपना-अपना महत्व है। ऐसे ही वैशाख मास के कृष्ण पक्ष में पड़ने वाली एकादशी को विशेष माना जाता है। इस एकादशी के दिन भगवान विष्णु की पूजा करने के साथ व्रत रखने का विधान है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन व्रत रखने से कई तरह के पापों से मुक्ति मिलती है। इसके साथ ही भौतिक एवं आध्यात्मिक दोनों प्रकार के कल्याण की प्राप्ति होती है।
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