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Shimla News: खालसा पंथ के सृजना दिवस पर 455 लोगों को बांधीं पगड़ियां

Sun, 14 Apr 2024 06:32 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sun, 14 Apr 2024 06:32 PM IST
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cultural activity shimla
मालरोड पर पगड़ी बंधवाने का सैलानियों में दिखा उत्साह
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संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। राजधानी के मालरोड पर रविवार को खालसा पंथ के सृजना दिवस और बैसाखी के उपलक्ष्य पर पगड़ियां बांधी गईं। सिख समुदाय के अलावा अन्य धर्मों के लोगों में भी पगड़ी बंधवाने को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला। बच्चों सहित महिलाओं ने भी केसरिया, हरे, नीले, गुलाबी, जामुनी रंग की पगड़ियां बंधवाईं। इसके साथ ही देश-विदेश से आए सैलानियों में भी पगड़ी बंधवाने में खासा उत्साह दिखा। सैलानियों ने सिर पर पगड़ी सजाकर सिखों के खालसा इतिहास को जाना। लोगों ने मालरोड पर फोटो भी खिंचवाई। सुबह 11:00 से शाम 05:00 बजे तक मारोड पर रोटरी टाउन हाल के पास पगड़ियां बांधी गईं। इस दौरान करीब 455 लोगों ने पगड़ी बंधवाई।

गुरुद्वारा श्री गुरु सिंघ सभा शिमला और ग्लोबल सिख की ओर से पगड़ी बांधने का कार्यक्रम आयोजित किया गया। पटियाला से आए सिख समुदाय के लोगों ने सभी को पगड़ी बांधी। ग्लोबल सिख की ओर से राजविंदर सिंह ने बताया कि बैसाखी के दिन ही खालसा को पगड़ी मिली थी, इसलिए खालसा पंथ का सृजना दिवस मनाया जाता है। गुरु गोबिंद सिंह ने सन 1699 में गुरुद्वारा केसगढ़ साहिब, श्रीआनंदपुर साहिब में पांच प्यारों को सजाया था। पांच सिख साजो को पगड़ी और अमृत छकाने के बाद आप भी अमृत छका था। उन्होंने बताया कि पगड़ी गुरु का उपहार है। सिखों के लिए पगड़ी आस्था का प्रतीक है जो सम्मान, स्वाभिमान, साहस, आध्यात्मिकता और पवित्रता का प्रतिनिधित्व करता है। इस मौके पर गुरुद्वारा श्री गुरु सिंघ सभा के प्रधान जसविंदर सिंह मौजूद रहे।
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