ऊना। धार्मिक स्थल डेरा बाबा रुद्रानंद आश्रम नारी में गुरु पूर्णिमा के उपलक्ष्य पर धार्मिक समारोह मनाया गया। आश्रम में हिमाचल और देश भर से हजारों की संख्या में श्रद्धालु दर्शनों के लिए आते हैं। इस वर्ष कोरोना महामारी के कारण सरकार द्वारा लगाए प्रतिबंध के कारण सिर्फ डेरा कमेटी द्वारा कार्यक्रम आयोजित किया गया।
डेरे में श्रावण अष्टमी के पहले नवरात्रे को बाबा रुद्रा नंद आश्रम में पीपल चूरी का समारोह आयोजित किया जाता है। मंगलवार को वेदांताचार्य और विद्यालंकार श्रीश्री 1008 सुग्रीवानंद महाराज ने अखंड धुने पर पूजा-अर्चना की। इसके बाद महाराज ने वैदिक स्नातन धर्म के अनुसार पांच पीपल पूजा की। इसे पीपल चूरी भी कहा जाता है। पीपल पूजा का आश्रम में खास महत्व है। कहा जाता है कि इन पांच पीपल की पूजा-अर्चना करने से कष्ट दूर होते हैं। मान्यता है कि इन पीपलों की परिक्रमा करने से सांपों का विष भी उतर जाता है। कोरोना के कारण श्रद्धालु कार्यक्रम में भाग नहीं ले सके। आश्रम के सेवादारों और संस्कृत विद्यालय के शिष्यों ने पूजा-अर्चना करवाई गई। इस अवसर पर सुग्रीवानंद महाराज के शिष्य हेमानंद महाराज, तिलक राज शास्त्री, प्रो. शिव कुमार, अरुण शर्मा समेत कई विद्वानों ने शिरकत की।