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Shimla News: मास्टर्स यूनिवर्स प्रदर्शनी में दिखाई चित्रकार रोरिक की हिमाचल यात्रा
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निकोलस रोरिक की 150वीं जयंती पर गेयटी में कला प्रदर्शनी शुरू, मुख्यमंत्री ने किया शुभारंभ
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। राजधानी के ऐतिहासिक गेयटी थियेटर में प्रसिद्ध रूसी चित्रकार निकोलस रोरिक की 150वीं जयंती पर कला प्रदर्शनी शुरू हुई। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत कर प्रदर्शनी का शुभारंभ किया।
रोरिक ने अपने जीवन के लगभग 20 वर्ष हिमाचल में बिताए थे जो प्रदर्शनी में चित्रों के माध्यम से दिखाए गए हैं। प्रदर्शनी का मुख्य शीर्षक द मास्टर यूनिवर्स है। निकोलस रोरिक का सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण संवर्धन में महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उन्होंने अपने जीवन में हिमालयन कला संस्कृति के अध्ययन के लिए अनेक यात्राएं कीं। 25 सितंबर तक चलने वाली इस प्रदर्शनी का आयोजन इंटरनेशनल सेटर ऑफ द रोरिक, मॉस्को, अंतरराष्ट्रीय रोरिक मेमोरियल ट्रस्ट नगर, जिला कुल्लू और भाषा, कला एवं संस्कृति विभाग के संयुक्त तत्वावधान में किया गया है। यह शिमला में पर्यटकों, स्थानीय स्कूलों और कला प्रेमियों के लिए आकर्षण का केंद्र रहेगी।
मुख्यमंत्री ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया। वहीं निकोलस रोरिक के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि वैश्विक स्तर पर रोरिक का गहरा प्रभाव था। प्रदेश, विशेष रूप से कुल्लू घाटी की समृद्ध परंपराओं को प्रोत्साहन देने के लिए उन्होंने महत्वपूर्ण योगदान दिया। प्रदेश में लगभग 20 वर्षों के दौरान उन्होंने हिमालय की संस्कृति का गहन अध्ययन किया और कुल्लू घाटी की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण की वकालत की। उन्होंने कहा कि रोरिक शांति और सद्भाव के लिए सदैव प्रयासरत रहे। वह मानते थे कि युवाओं के मध्य सम्मान और सामंजस्य की भावना को बढ़ावा देकर सांस्कृतिक मूल्यों के माध्यम से वैश्विक संघर्षों का हल निकाला जा सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत और रूस के संबंध सदियों पुराने हैं और सांस्कृतिक रूप से रूस तथा भारत की सोच में काफी समानता है। रूस ने कठिन दौर में भारत की हमेशा सहायता की है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार नग्गर स्थित अंतरराष्ट्रीय रोरिक मेमोरियल ट्रस्ट को ओर अधिक सुदृढ़ करेगी।
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इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार नरेश चौहान, इंटरनेशनल सेंटर ऑफ रोरिक के उपाध्यक्ष एलेक्जेंडर वी स्टेटसेंको, क्यूरेटर लारिसा सुरगिना, सचिव भाषा, कला एवं संस्कृति राकेश कंवर, निदेशक डॉ. पंकज ललित सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
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इनसेट
2027 तक आत्मनिर्भर और 2032 तक देश का समृद्ध राज्य बनेगा हिमाचल : सुक्खू
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने हिमाचल प्रदेश को वर्ष 2027 तक आत्मनिर्भर और वर्ष 2032 तक देश का समृद्ध राज्य बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। प्रदेश में किसी प्रकार का आर्थिक संकट नहीं है और प्रदेश सरकार ने पहले ही दिन से राज्य की अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में कार्य किया है, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। प्रदेश सरकार 70 वर्ष से अधिक आयु के 27 हजार पेंशनभोगियों के बकाये का भुगतान कर रही है और सरकारी कर्मचारियों को 7 प्रतिशत की दर से महंगाई भत्ता दिया गया है। प्रदेश सरकार किसानों, बागवानों, मजदूरों, महिलाओं, छोटे दुकानदारों सहित समाज के सभी वर्गों का समग्र विकास सुनिश्चित करने के लिए कार्य कर रही है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। राजधानी के ऐतिहासिक गेयटी थियेटर में प्रसिद्ध रूसी चित्रकार निकोलस रोरिक की 150वीं जयंती पर कला प्रदर्शनी शुरू हुई। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत कर प्रदर्शनी का शुभारंभ किया।
रोरिक ने अपने जीवन के लगभग 20 वर्ष हिमाचल में बिताए थे जो प्रदर्शनी में चित्रों के माध्यम से दिखाए गए हैं। प्रदर्शनी का मुख्य शीर्षक द मास्टर यूनिवर्स है। निकोलस रोरिक का सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण संवर्धन में महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उन्होंने अपने जीवन में हिमालयन कला संस्कृति के अध्ययन के लिए अनेक यात्राएं कीं। 25 सितंबर तक चलने वाली इस प्रदर्शनी का आयोजन इंटरनेशनल सेटर ऑफ द रोरिक, मॉस्को, अंतरराष्ट्रीय रोरिक मेमोरियल ट्रस्ट नगर, जिला कुल्लू और भाषा, कला एवं संस्कृति विभाग के संयुक्त तत्वावधान में किया गया है। यह शिमला में पर्यटकों, स्थानीय स्कूलों और कला प्रेमियों के लिए आकर्षण का केंद्र रहेगी।
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मुख्यमंत्री ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया। वहीं निकोलस रोरिक के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि वैश्विक स्तर पर रोरिक का गहरा प्रभाव था। प्रदेश, विशेष रूप से कुल्लू घाटी की समृद्ध परंपराओं को प्रोत्साहन देने के लिए उन्होंने महत्वपूर्ण योगदान दिया। प्रदेश में लगभग 20 वर्षों के दौरान उन्होंने हिमालय की संस्कृति का गहन अध्ययन किया और कुल्लू घाटी की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण की वकालत की। उन्होंने कहा कि रोरिक शांति और सद्भाव के लिए सदैव प्रयासरत रहे। वह मानते थे कि युवाओं के मध्य सम्मान और सामंजस्य की भावना को बढ़ावा देकर सांस्कृतिक मूल्यों के माध्यम से वैश्विक संघर्षों का हल निकाला जा सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत और रूस के संबंध सदियों पुराने हैं और सांस्कृतिक रूप से रूस तथा भारत की सोच में काफी समानता है। रूस ने कठिन दौर में भारत की हमेशा सहायता की है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार नग्गर स्थित अंतरराष्ट्रीय रोरिक मेमोरियल ट्रस्ट को ओर अधिक सुदृढ़ करेगी।
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इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार नरेश चौहान, इंटरनेशनल सेंटर ऑफ रोरिक के उपाध्यक्ष एलेक्जेंडर वी स्टेटसेंको, क्यूरेटर लारिसा सुरगिना, सचिव भाषा, कला एवं संस्कृति राकेश कंवर, निदेशक डॉ. पंकज ललित सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
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2027 तक आत्मनिर्भर और 2032 तक देश का समृद्ध राज्य बनेगा हिमाचल : सुक्खू
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने हिमाचल प्रदेश को वर्ष 2027 तक आत्मनिर्भर और वर्ष 2032 तक देश का समृद्ध राज्य बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। प्रदेश में किसी प्रकार का आर्थिक संकट नहीं है और प्रदेश सरकार ने पहले ही दिन से राज्य की अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में कार्य किया है, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। प्रदेश सरकार 70 वर्ष से अधिक आयु के 27 हजार पेंशनभोगियों के बकाये का भुगतान कर रही है और सरकारी कर्मचारियों को 7 प्रतिशत की दर से महंगाई भत्ता दिया गया है। प्रदेश सरकार किसानों, बागवानों, मजदूरों, महिलाओं, छोटे दुकानदारों सहित समाज के सभी वर्गों का समग्र विकास सुनिश्चित करने के लिए कार्य कर रही है।