पिता की आंखों के सामने ही बेटे ने सतलुज में लगाई छलांग, मौत
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शिमला के सुन्नी में कालीघाट के पास एक युवक मेहर सिंह (32) ने बुधवार दोपहर करीब बारह बजे अपने पिता के सामने ही सतलुज नदी में छलांग लगा दी। मेहर के पिता ने उसके पीछे भागकर उसको से रोकने की कोशिश की।
लेकिन उस तक पहुंचने से पहले ही बेटे ने छलांग लगाकर आत्महत्या कर ली। अभी तक यह पता नहीं चल सका है कि उसने ऐसा कदम क्यों उठाया। जानकारी के मुताबिक बसंतपुर का मेहर सिंह दिहाड़ीदार मजदूर था और उसके दो बेटे और एक बेटी है।
हादसे के समय मौके पर मौजूद लोगों ने सुन्नी पुलिस थाने में इसकी सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव की तलाश शुरू की। शव को खोजने के लिए पुलिस ने बोट और होम गार्ड के जवानों के उपकरणों को मौके पर मंगवाया।
तीन घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस जवानों ने सतलुज नदी में शव को तलाशा और उसे बाहर निकाला। शव का सुन्नी अस्पताल में पोस्टमार्टम करवाकर उसे परिजनों को सौंपा गया है। एएसपी भजन देव नेगी ने कहा कि आत्महत्या के कारणों का पता किया जा रहा है।
जहरीला पदार्थ खाने से युवती की मौत
ऊना के दौलतपुर चौक क्षेत्र के एक गांव में युवती की जहरीला पदार्थ खाने से मौत हो गई। पुलिस ने शव का क्षेत्रीय अस्पताल ऊना में पोस्टमार्टम करवाने के बाद परिजनों को सौंप दिया है। जानकारी के मुताबिक क्षेत्र की एक गांव निवासी युवती ने सोमवार को देर शाम गलती से जहरीला पदार्थ खा लिया।
उसकी तबीयत खराब होते देख परिजन उसे एफआरयू अस्पताल दौलतपुर चौक ले गए, जहां उसका उपचार चल रहा था। लेकिन, बुुधवार सुबह उसकी तबीयत अचानक खराब हो गई। इस पर उसे क्षेत्रीय अस्पताल ऊना रेफर कर दिया गया, लेकिन ऊना पहुंचते ही युवती ने दम तोड़ दिया।
उधर, चौकी प्रभारी राजेंद्र पठानिया ने बताया कि पुलिस ने मामला दर्ज कर युवती के शव का पोस्टमार्टम करवा कर परिजनों को सौंप दिया है। उन्होंने बताया कि पुलिस ने युवती का बयान कलमबद्ध किया था। इसमें उसने कबूल किया है कि तबियत खराब थी, इसलिए उसने दवाई की जगह जहरीला पदार्थ गलती से खा लिया। उन्होंने बताया कि पुलिस फिर भी हर पहलू की गंभीरता से जांच कर रही है।