फंस गए सीएम केस में गड़बड़ी करने वाले अफसर
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वीरभद्र सिंह सीडी मामले में विजिलेंस के पूर्व एसपी हृदयेष बिष्ट पर तलवार लटक गई है। उनसे अगले सप्ताह तक विजिलेंस पूछताछ कर सकती है। बिष्ट वर्तमान में किन्नौर में कमांडेंट होमगार्ड हैं।
विजिलेंस उनसे पूछताछ के लिए प्रश्नावली तैयार करने में जुटी हुई है। इसके लिए जांच टीम शीघ्र ही मामले से जुडे़ गवाहों के बयान दर्ज करेगी।
अभी तक की जांच में विजिलेंस ने कई सबूत एकत्र कर लिए हैं, जिनके आधार पर बिष्ट से पूछताछ होगी। पूर्व एसपी पर आरोप हैं कि इन्होंने विजिलेंस में एसपी रहते हुए आईओ के साथ मिलकर वीरभद्र सीडी मामले में झूठे बयान दर्ज किए थे।
दोनों अफसरों पर दर्ज है एफआईआर
झूठे बयान लेने के आरोपों को आधार बनाते हुए विजिलेंस ने 29 फरवरी को तत्कालीन एसपी हृदयेष बिष्ट और रिटायर हो चुके पूर्व इंस्पेक्टर दयासागर के खिलाफ विजिलेंस थाने में एफआईआर दर्ज की है।
एफआईआर आईपीसी की धारा 218 के तहत शिमला थाने में दर्ज हुई है। इसमें इन अफसरों पर आरोप है कि वीरभद्र सिंह पर जबरन केस बनाने के लिए इन्होंने गवाहों के झूठे बयान दर्ज किए। इस केस में पूर्व डीजीपी डा. डीएस मन्हास को भी आरोपी बनाया गया है।
सीडी केस में वीरभद्र सिंह और प्रतिभा सिंह को लोअर कोर्ट बरी घोषित कर चुका है। बिष्ट 2009-10 में विजिलेंस में एसपी थे। डीआईजी विजिलेंस अरविंद शारदा ने बताया कि मामले की जांच चल रही है। पूछताछ करने से पूर्व जांच टीम की ओर से सुबूत एकत्र किए जा रहे हैं। इसके बाद मामले से जुड़े अधिकारियों से पूछताछ होगी।