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एचपीयू हिंसा में एसएफआई प्रदेशाध्यक्ष सहित 21 गिरफ्तार

Mon, 22 May 2017 09:54 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला Updated Mon, 22 May 2017 09:54 AM IST
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Violence in Hpu Campus, 21 arrested among sfi president

एचपीयू में हिंसा फैलाने के आरोप में पुलिस ने एसएफआई के प्रदेशाध्यक्ष, सचिव सहित 21 कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया है। शनिवार देर रात पुलिस ने कार्रवाई करते हुए विभिन्न स्थानों से कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया। इन पर हत्या का प्रयास करने का मामला दर्ज किया गया है।

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शुक्रवार रात को हॉस्टल में पथराव के बाद परिसर में तनाव का माहौल है। स्थिति को काबू करने के लिए पूरा कैंपस पुलिस छावनी में तबदील हो गया है। आने जाने वाले हर छात्र की चेकिंग की जा रही है। 
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गिरफ्तार किए गए एसएफआई नेताओं और कार्यकर्ताओं में कपिल, रोनी, रॉकी, संजीव कुमार, अनिल कुमार, राम पाल, पंकज वर्मा, ज्योति प्रकाश, हेम राज, संजय कुमार, अमरीश पाल, सौरभ कौंडल, गुरमीत भारद्वाज, रविंद्र चंदेल , वतन सिंह, रोहित कुमार, प्रेम सिंह, चंद्रकांत, विवेक राणा, जीवन सिंह और सुरेश सरवाल शामिल हैं।

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आरोप: एबीवीपी कार्यकर्ताओं को बचाना चाहती है पुलिस

Violence in Hpu Campus, 21 arrested among sfi president

पुलिस की अब तक की कार्रवाई पर एसएफआई ने सवाल खड़े किए हैं। राज्य सहसचिव दिनीत दैंटा ने आरोप लगाया है कि पुलिस कुलपति के दबाव में आकर एसएफआई पर एकतरफा कार्रवाई कर रही है। शुक्रवार देर शाम टैगोर छात्रावास में हिंसा में शामिल

एबीवीवी इकाई अध्यक्ष अमित ठाकुर, पूर्व अध्यक्ष गौरव अत्री, नवनीत कौशल और प्रशांत को पुलिस की गाड़ी में ले जाया गया, मगर उन्हें पुलिस ने गिरफ्तार न कर छोड़ दिया। वे खुलेआम घूम रहे हैं। पुलिस इस हमले की घटना में शामिल एबीवीपी के 30 से अधिक कार्यकर्ताओं को बचाने की कोशिश कर रही है।

वीसी के इशारों पर काम कर रही पुलिस

Violence in Hpu Campus, 21 arrested among sfi president

एचपीयू में शुक्रवार रात से हो रही हिंसा की घटनाओं के लिए एसएफआई ने वीसी को जिम्मेदार माना है। पूरे घटनाक्रम के लिए कुलपति और एबीवीपी की साझा रची गई साजिश बताते हुए इसकी निष्पक्षता से जांच की मांग उठाई है।

एसएफआई राज्य कमेटी सदस्य दिनीत दैंटा और राज्य सहसचिव अमित ने पत्रकारों से बात करते आरोप लगाए कि एसएफआई पर किए गए हमले में उनके एक दर्जन कार्यकर्ताओं के  घायल होने के बावजूद पुलिस एकतरफा कार्रवाई कर एसएफआई के कार्यकर्ताओं को ही गिरफ्तार कर रही है।

नेताओं ने कहा कि कुलपति हटाओ, विवि बचाओ अभियान से बौखलाई एबीवीपी ने वीसी के साथ मिलकर परिसर में हिंसा का माहौल बनाने की कोशिश की है।

एसएफआई कार्यकर्ताओं पर हथियारों से हमला किया गया। छात्रावासों के शीशे, खिड़कियां और फर्नीचर तोड़ा गया। दीनित ने कहा कि यही नहीं इस दौरान छात्रों और शोधकर्ताओं के दस्तावेज तक जला दिए गए। इस पूरी घटना में 30 से अधिक एबीवीपी के कार्यकर्ता शामिल थे।

पीएचडी प्रवेश प्रक्रिया में गोलमाल की जताई आशंका

Violence in Hpu Campus, 21 arrested among sfi president

हिंसा में शामिल लोगों को पुलिस ने छोड़ दिया। इससे साफ है कि पुलिस कुलपति के दबाव में काम कर रही है। शनिवार को चौक पर पुलिस की मौजूदगी में एबीवीपी के कार्यकर्ताओं ने एसएफआई कार्यकर्ताओं पर पथराव किया। इस पूरे घटनाक्रम में पुलिस और विवि प्रशासन मूकदर्शक बना रहा। 

पुलिस ने एसएफआई के कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर उन पर हत्या का प्रयास जैसी धाराओं में मामला दर्ज किया है। अमित और दिनीत ने आरोप लगाया कि पूरे घटनाक्रम के लिए कुलपति और एबीवीपी जिम्मेदार हैं। 

एसएफआई के नेताओं ने पीएचडी की प्रवेश परीक्षा से  भरी जा रही सीटों में गड़बड़ी किए जाने की आशंका जताई है। यही कारण है कि विवि प्रशासन ने एसएफआई के आंदोलन के चलते आरक्षण रोस्टर तो लागू किया, मगर अभी तक प्रश्न पत्र बाहरी विशेषज्ञ से सेट और उसका मूल्यांकन करने की मांग नहीं मानी है। 

इससे पहले भी एक विचारधारा विशेष के लोगों की भर्ती के लिए उत्तर पुस्तिकाएं परीक्षा से पहले ही वितरित कर अपने चहेतों की भर्ती करने के मामला सामना आ चुका है। 

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