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लाल चंदन की लकड़ी रखने के मामले में विजिलेंस ने कोर्ट में दाखिल की चार्जशीट
Fri, 09 Oct 2020 11:10 AM IST
Krishan Singh
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Fri, 09 Oct 2020 11:10 AM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
स्टेट विजिलेंस ब्यूरो ने सवा चार करोड़ रुपये से ज्यादा कीमत की अवैध लाल चंदन की लकड़ी पकड़े जाने के मामले में पांच लोगों के खिलाफ अदालत में चार्जशीट दाखिल की है। लंबी जांच के बाद विजिलेंस ने पांच लोगों के खिलाफ आईपीसी व फॉरेस्ट एक्ट की धाराओं में आरोप पत्र दाखिल कर दिया है। एसपी विजिलेंस दक्षिण रेंज वीरेंद्र शर्मा ने चार्जशीट दाखिल किए जाने की पुष्टि की है।
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खास बात यह है कि इसी मामले में साल 2016 में विजिलेंस की तत्कालीन टीम ने अनट्रेस रिपोर्ट दाखिल की थी, जिसे कोर्ट ने खारिज कर फिर से जांच के आदेश दे दिए थे। साल 2011 में विजिलेंस ने एक निजी परिसर से अवैध रूप से रखी लाल चंदन की लकड़ी पकड़ी थी। पड़ताल के दौरान परिसर के मालिकों व मौजूद लोग इतनी मात्रा में लाल चंदन की लकड़ी रखने के वैध दस्तावेज पेश नहीं कर पाए।
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इस पर विजिलेंस ब्यूरो ने शिमला थाने में आईपीसी व फॉरेस्ट एक्ट की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया। लेकिन पांच साल चली जांच के बाद 2016 में विजिलेंस के तत्कालीन अधिकारियों ने अनट्रेस रिपोर्ट कोर्ट में दाखिल कर दी। कोर्ट ने उस रिपोर्ट के तथ्यों को सही न मानते हुए और जांच करने के लिए आदेश के साथ ब्यूरो को रिपोर्ट लौटा दी।
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इसके बाद ब्यूरो की नई टीम ने जांच शुरू की और बुधवार को मामले में कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की गई है। एसपी वीरेंद्र शर्मा ने बताया कि बरामद की गई लाल चंदन की लकड़ी को 24 जुलाई 2018 को 4.29 करोड़ रुपये में नीलाम किया जा चुका है। अब कोर्ट में आरोपियों के खिलाफ मुकदमा चलेगा और कोर्ट आरोपियों के भविष्य पर फैसला करेगा।