आखिरकार सस्पेंड कर दिए गए दो लापरवाह जेलकर्मी
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उप-कारागार कुल्लू के एक हेड वार्डर और वार्डर सस्पेंड कर दिए गए हैं। जेल से दो कैदी फरार होने की गाज इन पर गिरी है। सात दिन बाद कार्रवाई अमल में लाई गई है।
हेड वार्डर डोकू राम और वार्डर अमित कुमार सस्पेंड हुए हैं। असिस्टेंट सुपरिटेंडेंट जेल के खिलाफ भी विभागीय जांच खोल दी गई है।
तीनों के खिलाफ ड्यूटी पर लापरवाही बरतने पर कार्रवाई अमल में लाई गई है। जेल विभाग प्रमुख का अतिरिक्त कार्यभार देख रहे एडीजीपी सीआईडी सीताराम मरडी ने ये आदेश जारी किए हैं।
जांच में सामने आई थी लापरवाही
जांच के दौरान पाया गया कि वार्डर और हेड वार्डर की लापरवाही के कारण दो विचाराधीन कैदी जेल की दीवार फांदकर भागने में कामयाब हुए।
पुलिस और विभागीय जांच के दौरान जेल परिसर में सीढ़ी मिली है। सीढ़ी पुलिस ने कब्जे में ले ली है, लेकिन अभी तक यह साबित नहीं हुआ है कि कैदियों ने भागने के लिए सीढ़ी का इस्तेमाल किया था या नहीं।
17 अप्रैल को जेल कर्मचारियों की लापरवाही के कारण दोनों कैदी भागने में सफल हुए थे। मंडी निवासी रणजीत सिंह और नेपाली मूल का खल बहादुर अभी तक पुलिस को चकमा दे रहे हैं।
जेल अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश
घटना के बाद एडीजीपी ने सभी जेल अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे कैदियों की सुरक्षा को लेकर अतिरिक्त सचेत रहे।
जेलों की सुरक्षा का जायजा लेने के लिए उन्होंने ऊना और बिलासपुर जेल का भी औचक निरीक्षण किया था।
गौरतलब है कि प्रदेश में पहले भी कैदियों के जेल से भागने के मामले सामने आ चुके हैं। ऐसे में इस बार पुलिस विभाग इन मामलों पर लगाम लगाने के लिए काफी सख्ती बरत रहा है।