एमबीबीएस की फर्जी डिग्री रखने और देने वाले को जेल
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एमबीबीएस की फर्जी डिग्री रखने और देने वाले दो दोषियों को हमीरपुर न्यायालय ने कठोर कारावास के साथ जुर्माना लगाया है। डिग्री रखने वाले को साढ़े तीन साल कठोर कारावास और 3.40 लाख रुपये जुर्माना लगाया गया है
जबकि डिग्री उपलब्ध करवाने वाले को पांच साल कठोर कारावास और 3.40 लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई है। मुख्य दंडाधिकारी अभय मंडयाल की अदालत ने बुधवार को यह सजा सुनाई है
उल्लेखनीय है कि 24 सितंबर 2009 को महानिदेशक राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार रोधी ब्यूरो ने शिकायत मिलने पर इस मामले की जांच का जिम्मा विजिलेंस ब्यूरो हमीरपुर को सौंपा।
एेसे सामने अाया मामला
विजिलेंस ने कुलदीप कुमार पुत्र ब्रह्म दास शर्मा निवासी गांव खुर्द डाकघर ज्वालामुखी, तहसील बड़ोह जिला कांगड़ा के खिलाफ फर्जी एमबीबीएस डिग्री रखने और इस डिग्री के आधार पर एक नामी इंश्योरेंस कंपनी में चिकित्सक के पद के लिए आवेदन करने पर भादंसं की धारा 420, 467, 468 व 471 के तहत केस दर्ज किया।
डिग्री प्रदान करने पर इंद्र सिंह बिरदी पुत्र रतन सिंह निवासी न्यू आदर्श नगर गली नंबर 3, डिगड़ा रोड, होशियारपुर, थाना मॉडल टाउन होशियारपुर पंजाब के खिलाफ भी विजिलेंस ने विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया। विजिलेंस ने तफ्तीश की तो डिग्री फर्जी निकली। अदालत में इस मामले की सुनवाई के दौरान कुल 23 गवाह पेश हुए। मुकदमे की पैरवी सहायक जिला न्यायवादी डिंपल ठाकुर और मामले की तफ्तीश डीएसपी बलवीर सिंह और एसआई हंसराज ने की।