शिकारी बनकर गए थे, खुद ही हो गए शिकार
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पिता की बंदूक से शिकार खेलना बेटे को भारी पड़ गया। जंगली जानवर का शिकार करते वक्त बंदूक से निकला छर्रा युवक के साथ गए दोनों साथियों को जा लगा। युवक शिकार तो नहीं कर पाए मगर खुद शिकार जरूर बन गए। मामला हिमाचल के जिला सोलन का है।
दोनों घायलों को शिमला के आईजीएमसी अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया है। घायलों में एक की हाल गंभीर बताई जा रही है। वहीं दूसरे को उपचार के बाद घर भेज दिया गया है।
उधर, पुलिस ने बंदूक चलाने वाले पर विभिन्न धाराओं समेत आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है। बंदूक को पुलिस ने बरामद कर छानबीन शुरू कर दी है। पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक हादसा दोपहर बाद का है।
गए थे शिकार खेलने
पुलिस के अनुसर मशीवर के संजू, भीम सिंह और धारों की धार के निवासी बालकृष्ण बंदूक लेकर शिकार करने निकला। यह बंदूक भीम सिंह के पिता के नाम पर है। एक जगह जंगली मुर्गे के शिकार के लिए भीम सिंह बंदूक थामी और उसके साथी संजू और बालकृष्ण छाड़ियों में छिप गए।
इस दौरान भीम सिंह ने फायर किया, लेकिन कुछ छर्रे बालकृष्ण के बाजू और संजू के पेट पर जा लगे। इससे ये लहुलूहान हो गए। इसके बाद तीनों चुपचाप घर पहुंचे जहां दो युवकों के घायल अधिक होने पर अस्पताल लाया गया।
बाद में पुलिस को सूचित किया गया जिसके बाद मामला दर्ज किया गया।
शिकार पर है प्रतिबंध
सर्दियां बढ़ते ही शिकार का खेल शुरू हो गया है। शिकारी बंदूके लेकर जंगलों की ओर निकलने लगे हैं। सर्दियों में शिकार बढ़ जाता है क्योंकि जानवर भी सर्द इलाकों से पलायन कर मध्यवर्ती जंगलों तक पहुंच जाते हैं।
पिता पर भी दर्ज होगा मुकदमा: एसएचओ
एसएचओ अनिल धौल्टा ने बताया कि बंदूक का लाइसेंस भीम सिंह के पिता के नाम पर है। आरोपी पर भादसं की धारा 336 के तहत दूसरों की जान जोखिम में डालने का मुकदमा दर्ज किया गया है। वहीं आर्म्स एक्ट की धारा भी लगी है। इसमें जिस व्यक्ति के नाम पर बंदूक होगी, उस पर भी मुकदमा दर्ज किया जाएगा। जिसके नाम पर लाइसेंस हो, हथियार वही चला सकता है।