बूट खरीद मामले में 3 आईपीएस पर गिरेगी गाज!
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पूर्व भाजपा सरकार के समय पुलिस महकमे में हुई एंकल बूट खरीद मामले में सरकार 3 आईपीएस अफसरों को लपेटने की तैयारी में है। विजिलेंस ने पिछले दिनों सरकार को इस मामले की जांच रिपोर्ट सौंपी थी।
जांच रिपोर्ट में विजिलेंस ने पूर्व डीजीपी डीएस मन्हास, पूर्व आईजी एसपीएस वर्मा और प्रतिनियुक्त पर नियुक्त एडीजीपी सोमेश गोयल के खिलाफ विभागीय जांच करने को कहा गया।
प्रदेश सरकार तीनों आईपीएस अधिकारियों के खिलाफ विभागीय जांच की अनुमति दे चुकी है। अब केंद्र से मंजूरी का इंतजार है। इस केस में विजिलेंस ने 7 जून, 2013 को दो कंपनियों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कर चुकी है।
खरीद प्रक्रिया में अनियमितताएं मिली
हालांकि, एफआईआर में किसी का नाम दर्ज नहीं है। वर्ष 2010 पुलिस विभाग में जवानों के लिए एंकल बूट खरीदे गए थे। विजिलेंस ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि इस खरीद के सप्लाई ऑर्डर से लेकर पूरी प्रक्रिया में कुछ अनियमितताएं मिली हैं।
केंद्रीय खरीद कमेटी की रिपोर्ट में साफ कहा गया था कि कंपनियों की ओर से भेजे गए सैंपल सीलबंद नहीं थे। ऐसे में कंपनी विशेष को सप्लाई ऑर्डर नहीं दिया जा सकता था, लेकिन बड़े अफसरों ने इसे नजरअंदाज कर दिया। विभाग की ओर से करीब 16 हजार जवानों के लिए 795 रुपये की हिसाब से बूट खरीदे गए थे।
कुल खरीद 1.27 करोड़ की थी। टेंडर प्रक्रिया में परवाणू, ऊना और कोलकाता की कंपनियों ने भाग लिया था। मजेदार यह भी है कि इससे पहले इसी केस में विजिलेंस के एक जांच अधिकारी ने इस केस को कमजोर बताया था।