रातड़ देवता मंदिर चोरी में सनसनीखेज खुलासा
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शिमला के रातड़ देवता मंदिर से चोरी हुई मूर्ति अष्टधातु की नहीं है। मूर्ति की बरामदगी के बाद इसे फोरेंसिक लैब जांच को भेजा था। रिपोर्ट के मुताबिक मूर्ति में अष्टधातु के सभी तत्व नहीं हैं। मूर्ति के निर्माण में कांसा और टीन इस्तेमाल हुआ है।
इसी तरह मंदिर में मौजूद चार किलो की छड़ भी सोने की नहीं है। इसमें सोने का पानी चढ़ा है। यह छड़ चांदी की है। बताया जा रहा है कि यह छड़ दशकों से मंदिर में मौजूद है। अब तक इसे सोने की ही छड़ समझा जाता रहा है।
इस मामले को पुलिस ने सुलझा लिया है चोरी के आरोपी भी पकड़े जा चुके हैं। इसकी पुष्टि एएसपी (सिटी) भजन देव नेगी ने की। पुलिस के मुताबिक चोर मंदिर में रखी मूर्ति और सोने चांदी को समेटकर चलते बने।
चोरी के लिए चुनी थी चुड़ैल वाली रात
चुड़ैल की इस रात को सोने से पहले स्थानीय लोग घर में सरसों के दानों को फेंकते हैं। कोई भी रात के समय घर से बाहर नहीं निकलता। मान्यता है कि ऐसा करने से बुरी आत्मा का साया घर पर नहीं पड़ता।
लोगों की इसी आस्था का फायदा उठाते हुए चोरों ने आसानी से प्राचीन मंदिर के अमूल्य आभूषणों पर हाथ साफ कर दिया। मंदिर से कुछ दूर मूर्ति पुलिस ने जंगल से बरामद कर ली थी। यह मूर्ति अष्टधातु की बताई जा रही थी लेकिन जांच में साफ हो गया यह भी अष्टधातु की नहीं है।
चोर पैदल ही यहां से फरार हुए क्योंकि जंगल में देवता की मूर्ति को उन्होंने तोड़ कर फेंका था। इसके बाद पुलिस ने जांचकर चोरों से पकड़ी सामग्री को जांच के लिए लैब में भेजा था। वहीं चोर अब पुलिस के शिकंजे में हैं। इस गिरोह ने 80 से ज्यादा मंदिरों में चोरी की बात स्वीकार की थी।