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सरकार के पास नहीं है भंडारी के खिलाफ सबूत!

Wed, 21 May 2014 08:28 AM IST
Updated Wed, 21 May 2014 08:28 AM IST
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The government does not have the evidence against Bhandari

हिमाचल सरकार ने पूर्व डीजीपी आईडी भंडारी को आनन-फानन में चार्जशीट तो कर दिया, लेकिन बताया जा रहा है कि उनके खिलाफ पर्याप्त सबूत सरकार के पास नहीं हैं।

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आईपीएस अफसर को इंस्पेक्टर रैंक के पुलिस अफसर के बयान पर चार्जशीट किया, लेकिन इस बयान में यह कहीं साबित नहीं होता है कि वीरभद्र सिंह के केंद्रीय मंत्री रहते हुए कथित टेबल बगिंग आईडी भंडारी के कहने पर हुआ था।
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स्टेट सीआईडी इंटेलिजेंस विंग के अधिकारियों ने इस टेबल बगिंग मामले की जांच की थी। जांच रिपोर्ट में सीआईडी के टेक्निकल सैल से हटाए गए इंस्पेक्टर मुकेश कुमार के बयान लिए, जिसके आधार पर भंडारी को चार्जशीट किया गया।

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भंडारी के खिलाफ दिया है ये बयान

The government does not have the evidence against Bhandari

मुकेश कुमार ने लिखित बयानों में कहा किस तारीख को (बगिंग की) मुझे पक्का याद नहीं, एक दिन सुबह के समय ऑफिस में एडीजीपी आईडी भंडारी ने कहा कि किसी गोपनीय काम के लिए दो आदमी कल चंडीगढ़ भेजने हैं, तैयार कर लो।

डीजीपी मन्हास साहब से बताया कि कल वीरभद्र सिंह चंडीगढ़ आ रहे हैं और वहां उन्होंने पंजाब एवं हरियाणा के किसी जज से मिलना है। वहां उनकी बातचीत रिकार्डिंग की जाए।

देखें की वहां क्या बात करते हैं। इसके बाद रिकार्डिंग की गई और एडीजीपी को पैन ड्राइव में डालकर सुनाई गई कुछ खास बातचीत न मिलने के कारण उसे एडीजीपी के कहने पर डिलीट किया गया। इसके अलावा भंडारी के खिलाफ कोई बयान नहीं है।

सरकार पर उठने लगे हैं सवाल

The government does not have the evidence against Bhandari

इसके अलावा टेबल बगिंग के लिए भेजे पुलिस कर्मियों और मुकेश कुमार के बयान, पूर्व केंद्रीय मंत्री वीरभद्र सिंह के चंडीगढ़ हिमाचल भवन में ठहरने की तारीख भी मैच नहीं कर रही है। टेबल बगिंग मामले की जांच सीआईडी ने दो बार की है। पहली बार सरकार के कहने पर और दूसरी बार सीआईडी के एडीजीपी स्तर के अधिकारी ने अपने स्तर पर ही इसकी जांच करवाई।

पहली जांच में सीआईडी को कुछ नहीं मिला और रिपोर्ट सरकार को सौंप दी। दूसरी बार जांच के आदेश किसने दिए, मुकेश कुमार से पूछे सवालों के जवाब आने से पहले चार्जशीट क्यों किया गया। चार्जशीट के बाद सीआईडी के एसपी रैंक के अधिकारी ने अपने बयान किस बिनाह पर दर्ज किए, सीआईडी के रिकॉर्डिगिं डिवाइस का जांच में कोई उल्लेख नहीं आदि ऐसे कई सवाल हैं जिससे सीआईडी और सरकार की मंशा पर प्रश्न चिन्ह लग रहे हैं। उधर, सीआईडी के कोई भी जिम्मेदार अधिकारी इस मामले में कुछ भी कहने से कतरा रहे हैं।

कुंठाग्रस्त हूं, लेकिन इसके लिए कौन जिम्मेवार:भंडारी

The government does not have the evidence against Bhandari

आईडी भंडारी ने कहा कि पिछले दिनों मुख्यमंत्री ने कहा था कि वे कुंठाग्रस्त अधिकारी के बयान पर कोई रिएक्शन नहीं करना चाहते हैं। मैं उन्हें बताना चाहता हूं कि हां मैं कुंठाग्रस्त हूं, लेकिन इसके लिए कौन जिम्मेवार है।

पुलिस विभाग हो या कोई और विभाग सभी का भट्ठा बैठा रखा है। अधिकारी प्रेशर में काम कर रहे हैं, सुधार को लेकर कोई भी कदम नहीं उठाया जा रहा है।

पॉलीटिकल मास्टर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को अपने कार्यों के लिए टूल की तरह इस्तेमाल कर रहे हैं। राजनीतिज्ञों का विभागों में हस्तक्षेप बहुत ज्यादा बढ़ चुका है। ऐसे प्रशासन में कोई भी कुंठाग्रस्त हो जाता है।

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