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खुद को आग लगाने वाले किसान की मौत

Tue, 24 Jun 2014 08:38 PM IST
ब्यूराे/अमर उजाला, बिलासपुर
ब्यूराे/अमर उजाला, बिलासपुर Updated Tue, 24 Jun 2014 08:38 PM IST
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The farmer killed himself on fire

हिमाचल प्रदेश में कर्ज नहीं चुका पाने के कारण खुद को आग लगाने वाले किसान ने चंडीगढ़ पीजीआई में दम तोड़ दिया। किसान समिति ने इसके लिए सरकार की नीतियों को जिम्मेदार ठहराया है। कर्ज नहीं चुका पाने के कारण खुद को आग लगाने वाले किसान की चंडीगढ़ के एक अस्पताल में मौत हो गई। वह दो दिनों से जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा था।

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मंगलवार सुबह उसने अंतिम सांस ली। बताया जा रहा है कि किसान ने ग्रीन हाउस लगाने के लिए लाखों रुपये का कर्ज बैंक से लिया था। कर्ज जमा नहीं होने की वजह से वह तनाव में चल रहा था। कर्ज में दबे किसान के आत्मदाह का हिमाचल में यह पहला मामला है। पूर्व सैनिक कुशल चंदेल ने पांच-छह वर्ष पहले ग्रीन हाउस लगाने के लिए बैंक से कर्ज लिया था।
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बागवानी तकनीकी मिशन के तहत लगे ग्रीन हाउसों के लिए लिया कर्ज बैंक को नहीं लौटा पाया। बैंक ने उन्हें डिफाल्टर घोषित कर उनके बाकायदा पोस्टर लगा रखे थे। इस वजह से वह तनाव में चल रहे थे।
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कर्ज की रकम कितनी थी नहीं पता

The farmer killed himself on fire

कुशल के बेटे अंकित ने बताया कि डेढ़-दो वर्षों से वह परेशान चल रहे थे। उन्होंने कहा कि पिता बताया करते थे कि सब्सिडी समय पर नहीं मिली। जब तक सब्सिडी मिली तब तक तमाम कर्ज की यह रकम दोगुना हो गई।

राशि कितनी है, इसकी जानकारी बैंक स्टेटमेंट के बाद ही पता चल सकेगी। उधर, ग्रीन ग्रोवर किसान-बागवान विकास समिति ने इस मामले में बैंक और विभाग के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।

समिति के महासचिव राजीव, संदीप ठाकुर, राकृष्ण शर्मा, संदीप सांख्यान आदि ने मुख्यमंत्री से पत्र लिखकर मांग की है कि इस मामले में विभाग और बैंक के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जानी चाहिए।

सरकार की नीतियों ने ली किसान की जान

The farmer killed himself on fire

समिति की मानें तो विभाग ने ग्रीन हाउस लगाने वालों को 33 प्रतिशत सब्सिडी दी है। यह सब्सिडी भी लगभग तीन-चार वर्ष बाद दी गई। ऐसे में  उठाए कर्ज की रकम दोगुना हो गई।

समिति के कानूनी सलाहकार भगत सिंह वर्मा ने कहा कि इसी वजह से किसान कड़ा कदम उठाने के लिए मजबूर होने लगे हैं। अगर सरकार ने इस संबंध में उचित कदम नहीं उठाया तो इसी तरह प्रदेश के किसान आत्महत्या करने को मजबूर होते रहेंगे।

एसएचओ बरमाणा अशोक कुमार ने किसान की मौत की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि परिजनों के बयान के अनुसार मृतक कर्ज नहीं दे पाने के कारण डिप्रेशन में चल रहा था।

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