युग मामलाः अदालत में दोषियों को फिर पेश किया, इस दिन फैसला संभव
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बहुचर्चित युग अपहरण और हत्या मामले में जिला एवं सत्र न्यायाधीश वीरेंद्र सिंह की अदालत में दोषियों को फिर पेश किया गया। अदालत में दोनों पक्षों के वकीलों ने बहस की और अपना पक्ष रखा। अदालत में करीब एक घंटे तक रहे तीनों दोषियों के बयान दर्ज कर प्रक्रिया पूरी की गई।
चार वर्षीय युग के पिता भी अदालत में रहे। दोषी करार दिए गए चंद्र शर्मा, तेजेंद्र पाल और विक्रांत बक्शी ने अदालत के समक्ष कम से कम सजा देने की गुहार लगाई। तीनों आरोपियों को कड़े सुरक्षा घेरे के बीच अदालत के गेट और वहां से अदालत के समक्ष पेश किया गया।
अदालत में दोनों पक्ष के वकीलों ने सजा को लेकर अपनी बात रखी। अपहरण और हत्या मामले में अदालत से दोषी करार दिए चंद्र शर्मा और तेजिंद्र पाल ने यह कहकर कम से कम सजा की गुहार लगाई कि उनके बूढ़े माता-पिता को देखने वाला कोई नहीं है, इसलिए उनकी सजा कम की जाए।
तीनों में सबसे कम उम्र के दोषी विक्रांत बक्शी ने अदालत के समक्ष कहा कि वह एक छात्र है, इसलिए उसे कम सजा दी जाए। अदालत में न्यायाधीश की मौजूदगी में तीनों के बयान दर्ज किए गए।
अदालत ने सजा पर बहस के लिए अब 21 अगस्त की तिथि तय की है। अगली सुनवाई में भी सजा को लेकर बहस होगी और बयान दर्ज होंगे। अपहरण और हत्या के इस मामले में अदालत के फैसले का परिजनों के साथ ही प्रदेश की जनता को बेसब्री से इंतजार है।
कड़ी सुरक्षा के बीच कोर्ट पहुंचाए युग हत्या के दोषी
थाना बालूगंज से दर्जनों जवानों और अधिकारियों के अलावा परिसर में एक इंस्पेक्टर, दो मुख्य आरक्षी और 16 जवानों की टुकड़ी तैनाती की थी। दस बजे तक अदालत परिसर में बहुत कम लोग नजर आ रहे थे।
राष्ट्रीय राजमार्ग बंद होने के कारण दोषी पक्ष का वकील रास्ते में ही फंस गया था। इनका वकील दोपहर करीब बारह बजे परिसर पहुंचा। इसके बाद परिसर में तैनात पुलिस जवान सक्रिय होते नजर आए।
सुरक्षा कारणों के चलते दोपहर बारह बजे तक अपहरण और हत्या मामले के तीनों आरोपियों को अदालत नहीं लाया गया था। इसके बाद करीब 1:07 बजे पुलिस की कड़ी सुरक्षा के बीच सबसे पहले पुलिस की गाड़ी अदालत के मुख्य गेट पर पहुंची।
इसके तुरंत बाद क्यूआरटी के जवानों का वाहन गेट पर रुका और जवानों सहित वहां पहले से मौजूद पुलिस जवानों ने सुरक्षा का घेरा बना दिया। देखते ही देखते कंडा जेल से तीनों दोषियों को लाई कैदी वैन गेट पर पहुंची।
मुंह पर रुमाल बांध कर तीनों दोषी अदालत के गेट पर उतरे और उन्हें सुरक्षा के बीच अदालत ले जाया गया। अंदर पहले से ही भारी संख्या में लोग जुट गए थे। 1:16 बजे तीनों को अदालत के समक्ष पेश करने को ले जाया गया। इसके कुछ देर बाद युग के पिता को भी अंदर बुलाया गया।
बारिश के बावजूद परिजन पहुंचे थे अदालत
छह अगस्त को युग के अपहरण और हत्या मामले में दोषी करार दिए जाने के बाद सोमवार की सुनवाई के लिए भारी संख्या में लोग अदालत पहुंचे थे। शिमला में सुबह के वक्त जोरदार बारिश हुई थी।
इसके बावजूद युग के पिता और उनके रिश्तेदार अदालत में पहुंचे थे। रास्ते बंद होने के बावजूद दस बजे से ही अदालत में भीड़ जुटना शुरू हो गई थी। जघन्य अपराध के मामले मेें दोषी करार दिए चंद्र शर्मा, तेजेंद्र पाल और विक्रांत
बक्शी को हालांकि रुमाल से मुंह ढककर अदालत में लाया गया लेकिन अदालत में पेश करने से पूर्व उनके चेहरों से रुमाल उतार दिए गए। दोषियों के चेहरों पर अदालत के फैसले और सजा को लेकर डर नजर आ रहा था।