टेक्नोमैक घोटाला: सीआईडी ने गृह मंत्रालय को भेजा डोजियर
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हिमाचल के बहुचर्चित 4300 करोड़ के टेक्नोमैक घोटाले के मुख्य आरोपी व कंपनी के एमडी राकेश शर्मा को हिमाचल लाने के लिए सीआईडी ने अहम पड़ाव पार कर लिया है। सीआईडी को वैसे तो गृह मंत्रालय ने 23 जनवरी तक डोजियर बनाकर भेजने के लिए कहा था लेकिन उसने यह दो हफ्ते पहले ही भेज दिया है।
अंग्रेजी में तैयार किए इस डोजियर में एफआईआर की प्रतियों के अलावा दोनों चार्जशीट, कोर्ट द्वारा उद्घोषित अपराधी घोषित किए जाने संबंधी दस्तावेज के अलावा गैर जमानती वारंट, फोटो, पासपोर्ट, पहचान के लिए अन्य जरूरी दस्तावेज शामिल हैं।
इसके अलावा लोन संबंधी उन दस्तावेजों की भी प्रतियां भेजी गई हैं, जिनसे राकेश के अपराध और उसे हिमाचल लाकर कानूनी प्रक्रिया में शामिल कराना जरूरी है। अब इस डोजियर के अध्ययन के बाद गृह मंत्रालय विदेश मंत्रालय की मदद से इसे दुबई की अदालत में पेश करेगा।
इसके बाद वहां की अदालत यह तय करेगी कि शर्मा को भारत सरकार के सुपुर्द किया जाए या नहीं। अगर वह संतुष्ट हो जाती है तो हिमाचल सीआईडी के लिए यह बेहद महत्वपूर्ण कदम होगा। लेकिन अगर कोर्ट नहीं भी मानता है तो भी शर्मा के खिलाफ दुबई की अदालत में हिमाचल सरकार केंद्र की मदद से केस लड़ सकती है।
अरबी भाषा में भी तैयार होगा दस्तावेज
मामले की जांच कर रही एसआईटी के प्रभारी संदीप धवल ने बताया कि अंग्रेजी भाषा में डोजियर भेज दिया गया है। अब उसकी एक प्रति अरबी भाषा में भी तैयार कराई जाएगी जिसे अगले महीने तक कोर्ट में पेश करने के लिए गृह मंत्रालय ने कहा है।
चूंकि अरबी भाषा में दस्तावेज चुनिंदा एजेंसियां ही करती हैं, ऐसे में उनसे संपर्क किया जा रहा है ताकि सभी दस्तावेजों का अरबी भाषा में अनुवाद कर भेजा जा सके।