दो पेज के सुसाइड नोट में लिखे चौंकाने वाले नाम
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नाशास्त्री शिक्षक कमलेश दत्त शर्मा सुसाइड मामले में ‘अमर उजाला’ के हाथ दो पन्नों का सुसाइड नोट लगा है। इस नोट में विभाग के ग्रेड टू ऑफिसर का जिक्र है। सात सितंबर की घटना के बाद दफ्तर से अधिकतर अधिकारी और कर्मचारी छुट्टी पर चले गए हैं।
पुलिस ने सुसाइड नोट को जांच के लिए फोरेंसिक लैब जुन्गा भेज दिया है। सुसाइड नोट में लिखा है कि - हां! मैं इन दिनों तनाव में जरूर था। एक ग्रेड-2 ऑफिसर मुझे लगातार परेशान कर रहे थे। उन्हें अध्यापकों की कद्र करना नहीं आता।
नोट में अपनी मौत के लिए उन्होंने खुद को भी जिम्मेदार ठहराया है। लिखा है कि मैं आत्म सम्मान के लिए इहलीला समाप्त कर रहा हूं।
जांच के लिए भेजा सुसाइड नोट
कमलेश दत्त शर्मा ने सुसाइड नोट में जीपीएफ का हवाला और जिन लोगों से लेनदारी है, उनके भी नाम लिखे हैं। बेटी श्रुति और बेटे हिमांशु के बारे में बेहद मार्मिक ढंग से लिखा है। बेटे को नसीहत दी है कि वह अपनी बहन को तंग न करे।
सिरमौर के एसपी बलबीर सिंह ठाकुर ने कहा कि सुसाइड नोट को हैंड राइटिंग मिलान के लिए फोरेंसिक लैब जुन्गा भेजा है। पुलिस ने धारा 306 एवं 506 के तहत मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।
वहीं, प्रारंभिक शिक्षा उप निदेशक अशोक शर्मा ने कहा कि विभाग से अध्यापक के दस्तावेज मंगवाए गए हैं। दस्तावेज मिलने के बाद ही अगली कार्रवाई की जाएगी।
ये है पूरा मामला
कमलेश दत्त 28 फरवरी 2014 को जंगलाभूड़ हाईस्कूल से विक्रम बाग स्कूल के लिए ट्रांसफर हुए। जंगलाभूड़ से इन्हें रिलीव नहीं किया गया। इससे कमलेश विक्रमबाग स्कूल में ज्वाइनिंग नहीं दे पाए।
इसी बीच लोकसभा चुनाव को लेकर आचार संहिता लग गई। 25 अगस्त को नए ट्रांसफर आर्डर बनेठी स्कूल के लिए हुए। लेकिन उप निदेशक कार्यालय ने ज्वाइनिंग ऑर्डर नहीं दिए।
3 से 6 सितंबर के बीच कमलेश उप निदेशक कार्यालय नाहन और जंगलाभूड़ स्कूल के चक्कर काटते रहे। 7 सितंबर की सुबह रेणुका झील से इनका शव बरामद हुआ।