पैसा हड़पने के लिए इस शातिर ने अपनाए कई हथकंडे
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स्वास्थ्य विभाग के अधीक्षक ग्रेड टू को विजिलेंस ने गिरफ्तार किया है। विभाग में ही तैनात महिला कर्मचारी की मौत के बाद परिजनों को मिलने वाली राशि को डकारने के आरोप में यह कार्रवाई की गई है।
आरोपी ने न्यायालय में अग्रिम जमानत की याचिका दायर की थी। याचिका खारिज होने के बाद विजिलेंस ने चंडी में खंड स्वास्थ्य केंद्र में तैनात आरोपी गुरदयाल पाल को गिरफ्तार किया है।
विजिलेंस के एसपी सुरेंद्र वर्मा ने गिरफ्तारी की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि आरोपी को बुधवार को अदालत में पेश किया जाएगा।
पति को मिलने थे एक लाख 75 हजार
विजिलेंस के मुताबिक वर्ष 2012 में आरोपी स्वास्थ्य विभाग अर्की ब्लाक में तैनात था। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग में तैनात मिड वाइफ कमला का निधन हो गया।
पति ने पत्नी के डयूज लेने के लिए विभाग के अधिकारियों को आवेदन किया। अधीक्षक गुरदयाल पाल ने इसमें हेराफेरी कर डाली। महिला की मौत के बाद 1 लाख 75 हजार रुपये उसके पति को मिलने थे।
आरोपी ने 93 हजार रुपये का भुगतान कर दिया शेष राशि देने के लिए उसने पचास हजार रुपये की मांग की। असल में सारी रकम आरोपी निकाल चुका था।
कोर्ट ने भी खारिज की जमानत याचिका
शोर मचने के डर से आरोपी ने फर्जी कागजात बनाकर दोबारा कुछ रकम ड्रा करवा ली और कुछ प्रभावित को भी दे दी। वहीं आडिट के दौरान इसका खुलासा हुआ।
प्रभावित आरोपी के इरादों को भांप गया और उसने शिकायत विजिलेंस में की। विजिलेंस ने जांच शुरू की तो आरोपी सही निकले और विजिलेंस ने मुकदमा दर्ज किया।
गिरफ्तारी के भय से आरोपी ने अग्रिम जमानत की याचिका लगाई, जिसे खारिज कर दिया गया।