यहां एसएसबी के जवानों ने ही चुरा लिया 'मां' का मुकुट
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प्रशिक्षण केंद्र शमशी के परिसर में स्थापित मां दुर्गा की प्रतिमा के मुकुट पर हाथ साफ करने वाले दो एसएसबी प्रशिक्षु ही निकले। माता के मुकुट चुराने के आरोपी ये प्रशिक्षु अब जेल की हवा खा रहे हैं।
उन्हें अपनी इस काली करतूत का बहुत बड़ा खामियाजा भुगतना पड़ेगा। आरोप साबित होने पर उनका बना-बनाया कैरियर पूरी तरह खत्म हो जाएगा।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार चोरी के इन आरोपियों की ओर शक की सुई पहले ही थी और ये सर्विलेंस पर थे। जांच अधिकारियों की इन पर कड़ी नजर थी। इसी के परिणामस्वरूप आरोपियों को गिरफ्तार करने में पुलिस को कामयाबी मिली है।
तीन दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा
जिला मुख्यालय के साथ सटे शमशी स्थित एसएसबी परिसर में हुई माता के मुकुट की चोरी की घटना को पुलिस ने सुलझा लिया है। इस मामले में पुलिस ने दो एसएसबी प्रशिक्षुओं को गिरफ्तार किया है। कुल्लू के शमशी से गिरफ्तार किए उड़ीसा निवासी भूला खिलार को बुधवार को कोर्ट में पेश किया गया।
अदालत ने उसे तीन दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा है। जबकि, दूसरे आरोपी को भी पुलिस ने हमीरपुर में दबोच लिया। दूसरा आरोपी पठानकोट से बताया जा रहा है। आरोपी को लाने के लिए कुल्लू से पुलिस टीम रवाना हो गई है।
डीएसपी कुल्लू संजय शर्मा ने बताया कि चोरी किए गए माता के मुकुट का आधा हिस्सा रिकवर कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि गिरफ्तार आरोपी के खुलासे के बाद दूसरे प्रशिक्षु को हमीरपुर से हिरासत में लिया गया है, उसे कुल्लू लाने के लिए पुलिस टीम हमीरपुर रवाना कर दी गई है।
शपथ के कुछ घंटे बाद ही डोल गया ईमान
सशस्त्र सीमा बल प्रशिक्षण केंद्र शमशी में 44 हफ्तों के कड़े प्रशिक्षण के बाद 18 मई को एक भव्य दीक्षांत परेड समारोह में उन्होंने राष्ट्रीय ध्वज, सशस्त्र सीमा बल के निशान तथा भारतीय संविधान को साक्षी मानकर मातृभूमि की सेवा की शपथ ली और विधिवत रूप से सशस्त्र सीमा बल में शामिल हुए।
सशस्त्र सीमा बल का अभिन्न अंग बनकर वे तथा उनके परिजन बहुत खुश थे, लेकिन दीक्षांत परेड समारोह के कुछ घंटों बाद ही इन युवाओं का ईमान डोल गया तथा वे ऐसी हिमाकत कर बैठे, जिसका मलाल उन्हें ताउम्र रहेगा।