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यहां एसएसबी के जवानों ने ही चुरा लिया 'मां' का मुकुट

Wed, 21 May 2014 11:52 PM IST
रोशन ठाकुर/अमर उजाला, कुल्लू
रोशन ठाकुर/अमर उजाला, कुल्लू Updated Wed, 21 May 2014 11:52 PM IST
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SSB trainee has stolen away the crown from durga temple

प्रशिक्षण केंद्र शमशी के परिसर में स्थापित मां दुर्गा की प्रतिमा के मुकुट पर हाथ साफ करने वाले दो एसएसबी प्रशिक्षु ही निकले। माता के मुकुट चुराने के आरोपी ये प्रशिक्षु अब जेल की हवा खा रहे हैं।

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उन्हें अपनी इस काली करतूत का बहुत बड़ा खामियाजा भुगतना पड़ेगा। आरोप साबित होने पर उनका बना-बनाया कैरियर पूरी तरह खत्म हो जाएगा।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार चोरी के इन आरोपियों की ओर शक की सुई पहले ही थी और ये सर्विलेंस पर थे। जांच अधिकारियों की इन पर कड़ी नजर थी। इसी के परिणामस्वरूप आरोपियों को गिरफ्तार करने में पुलिस को कामयाबी मिली है।
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तीन दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा

SSB trainee has stolen away the crown from durga temple

जिला मुख्यालय के साथ सटे शमशी स्थित एसएसबी परिसर में हुई माता के मुकुट की चोरी की घटना को पुलिस ने सुलझा लिया है। इस मामले में पुलिस ने दो एसएसबी प्रशिक्षुओं को गिरफ्तार किया है। कुल्लू के शमशी से गिरफ्तार किए उड़ीसा निवासी भूला खिलार को बुधवार को कोर्ट में पेश किया गया।

अदालत ने उसे तीन दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा है। जबकि, दूसरे आरोपी को भी पुलिस ने हमीरपुर में दबोच लिया। दूसरा आरोपी पठानकोट से बताया जा रहा है। आरोपी को लाने के लिए कुल्लू से पुलिस टीम रवाना हो गई है।

डीएसपी कुल्लू संजय शर्मा ने बताया कि चोरी किए गए माता के मुकुट का आधा हिस्सा रिकवर कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि गिरफ्तार आरोपी के खुलासे के बाद दूसरे प्रशिक्षु को हमीरपुर से हिरासत में लिया गया है, उसे कुल्लू लाने के लिए पुलिस टीम हमीरपुर रवाना कर दी गई है।

शपथ के कुछ घंटे बाद ही डोल गया ईमान

SSB trainee has stolen away the crown from durga temple

सशस्त्र सीमा बल प्रशिक्षण केंद्र शमशी में 44 हफ्तों के कड़े प्रशिक्षण के बाद 18 मई को एक भव्य दीक्षांत परेड समारोह में उन्होंने राष्ट्रीय ध्वज, सशस्त्र सीमा बल के निशान तथा भारतीय संविधान को साक्षी मानकर मातृभूमि की सेवा की शपथ ली और विधिवत रूप से सशस्त्र सीमा बल में शामिल हुए।

सशस्त्र सीमा बल का अभिन्न अंग बनकर वे तथा उनके परिजन बहुत खुश थे, लेकिन दीक्षांत परेड समारोह के कुछ घंटों बाद ही इन युवाओं का ईमान डोल गया तथा वे ऐसी हिमाकत कर बैठे, जिसका मलाल उन्हें ताउम्र रहेगा।

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